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यह कॉलम जिंदगी के हर उस आयाम को छूने की कोशिश है, जिनसे आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और वैचारिक रूप से भी समृद्धता हासिल होती है। इसमें ग्रामीण भारत, खासकर उत्तराखंड के विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले गांवों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है।

युवाओं के लिए प्रेरणा हैं हिमालय पुत्र और जलधारा

दुनिया जितनी तेजी से दौड़ रही है, उसमें उतनी ही गति से बदलाव हो रहे हैं। मैं अभी इस बहस में नहीं जाना चाहता कि इनमें से कौन सा बदलाव…

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इन युवाओं को वो सपने क्यों दिखाते हो, जो पूरे नहीं करा सको

उस शहर में अखबार की क्या हालत होगी, जब वहां का रिपोर्टर डेस्क को मनमाफिक चलाने लग जाए। कोई रिपोर्टर भले ही कितना ही बड़ा क्यों न हो, वो अपने…

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साइकिल की सवारी और किस्से जिंदगी के

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव मुझे याद है, जब मेरे पापा ने साइकिल खरीदी थी। घर पहुंची साइकिल को देखकर सभी बहुत खुश थे। पर, इस बड़ी और मजबूत साइकिल को…

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पहाड़ी पैडलर्सः पर्यावरण के लिए युवाओं की मुहिम

सॉफ्टवेयर इंजीनियर गजेंद्र रमोला, पहाड़ी पैडलर के संस्थापक हैं। पहाड़ी पैडलर साइकिल पर भ्रमण करने वाले युवाओं का दल है, जो पर्यावरण को हराभरा और स्वच्छ बनाने की पैरोकारी ही…

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Video: सड़क नहीं बनेगी तो क्या पलायन कर जाएगा यह गांव

उन्नतशील किसान भूपाल सिंह कृषाली ने वर्षों पहले नाहींकलां गांव से पलायन कर दिया और देहरादून जिला के कालूवाला में घर बनाकर खेतीबाड़ी शुरू कर दी। उनके लिए गांव वाले…

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क्या कोई हमें ले जाएगा सुसवा के स्रोत तक ?

सुसवा नदी का स्रोत कहां हैं? यह सवाल हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि हम मोथरोवाला से पहले किसी भी जलधारा को सुसवा के रूप में नहीं पहचान सके। यह…

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Video: एक गांव, जहां कोई नहीं रहता

सुबह आठ बजे से डुगडुगी पाठशाला में पढ़ाने गया। रविवार था तो केशवपुरी के बच्चों के साथ कुछ ज्यादा समय बिताया। गुनगुनी धूप ने आलसी बनाने में भरपूर साथ दिया।…

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अपर तलाई का चित्तौरः संभावनाओं की घाटी और चुनौतियों के पहाड़

देहरादून का रायपुर ब्लाक और उसके दूर-दूर तक फैले गांव, जहां दिक्कतें तो हैं, पर संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। इनमें एक गांव है, चित्तौर, जो अपर तलाई ग्राम…

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किसी के चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि वह कमजोर है

अखबार में बड़े मैनेजर के खास होने का मतलब किसी से भी अभद्रता का परमिट नहीं है अखबारों में एडिटोरियल के कुछ लोग बड़े मैनेजर की शह पर अपने जूनियर…

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बडेरना में मुश्किलें तो हैं, पर संभावनाएं भी कम नहीं

पर्वतीय क्षेत्रों की बात करें तो वहां जैविक खेती को आय संवर्धन के लिए बेहतर विकल्प के रूप में देखा जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन का योगदान…

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Video: बडेरना गांव की इन बेटियों की मुहिम को सलाम

सभी बेटियों को राष्ट्रीय बालिका दिवस की बहुत सारी शुभकामनाएं। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम बडेरना खुर्द गांव में थे। बडेरना खुर्द देहरादून जिला के रायपुर ब्लाक के अंतर्गत पर्वतीय…

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भूपाल सिंह कृषाली जी से जानिए- जैविक खेती में संभावनाएं

पर्वतीय क्षेत्र में आर्गेनिक खेती की संभावनाएं हैं, ऐसा अक्सर कहा जाता है। मैं यह कोई नई बात नहीं कह रहा हूं कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है। ग्रामीण…

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गायों के पास बैठकर दूर हो जाती हैं सभी चिंताएं

सिरियों गांव, जो कि देहरादून से वाया रायपुर एयरपोर्ट की ओर जाते समय थानो से करीब एक किमी. पहले बायें हाथ पर बहुत सुन्दर गांव है। मुख्य मार्ग पर आपको…

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93 साल के बुजुर्ग लोक कलाकार अमीचंद भारती जी की गौरव गाथा

क्या आपको कभी श्री रामलीला मंचन देखने का अवसर मिला है। क्या आप कभी ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जिनके हर डायलॉग का स्वागत तालियों की गूंज से होता हो।…

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मैंने तो मैनेजर को पत्रकारों के इंटरव्यू लेते देखा है

अखबार में मैनेजमेंट बड़ा या फिर एडिटोरियल अखबार में कौन बड़ा है, मैनेजर या फिर संपादक। यह बात केवल अखबारों में काम करने वाले जानते हैं। किसी अखबार के बारे…

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थानो गांव के इन युवाओं से जरूर मिलिएगा…

हम जानना चाहते हैं कि हमारे आसपास क्या हो रहा है। जानकारी मिली कि थानो गांव में ग्रोथ सेंटर खुला है, जहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री होती है। थानो देहरादून…

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वीडियोः ख्याति प्राप्त फोटोग्राफर त्रिभुवन सिंह चौहान ने साझा किया रील से रियल टाइम तक का सफर

फोटोग्राफी का शौक है तो काम आएगी यह टिप्स शुक्रवार 25 दिसंबर 2020 को  हमारी ऋषिकेश से लेकर लक्ष्मणझूला तक की यात्रा का मकसद था, उन शख्सियत से मुलाकात करना,…

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मुश्किल पड़ी तो ट्रेनी और पेज बनाने वालों तक को आगे कर देते हैं

कभी कभार डेस्क की गलतियों पर रिपोर्टर की हो जाती है फजीहत अखबारी मीडिया के किस्से बहुत हैं, पर मैं आपके सामने कुछ ही ला पा रहा हूं। अखबार में…

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