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Sunday, September 19, 2021

study

शोधकर्ताओं ने ड्रैगन फ्रूट को बताया सुपर फूड

इंडिया साइंस वायर कैक्टस कुल को आमतौर पर कांटेदार पौधों के लिए जाना जाता है। ऐसे...

दुनिया में 70 करोड़ लोगों को नहीं मिल पा रहा हाइपरटेंशन की अवस्था में इलाज

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 79 वर्ष आयु वर्ग में...

चींटियों के मजबूत दांतों का रहस्य पता चला

इंडिया साइंस वायर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का आकार लगातार कम हो रहा है। गैजेट्स में उपयोग के...

बंद गोभी की फसल को कीटों से बचाने के उपाय जानिए

डॉ. राजेंद्र कुकसाल लेखक कृषि एवं औद्योनिकी विशेषज्ञ हैं 9456590999 पहाड़ी क्षेत्रों में बन्द गोभी की...

हकीकत ए उत्तराखंडः सचिवालय में लड़वाकोट का पत्थर रख दें तो क्या सचिवालय लड़वाकोट हो जाएगा

उत्तराखंड का सरकारी सिस्टम इतना गजब का है कि अगर लड़वाकोट को सचिवालय और सचिवालय...

विटामिन-ए का भंडार है पूर्वोत्तर का खीरा

हमारे आसपास पोषक खाद्य पदार्थों की विस्तृत श्रृंखला होने के बावजूद जागरूकता के अभाव में...

स्टडीः कोविड-19 के जोखिम को बढ़ा सकता है जंगलों की आग से निकला धुआं

हाल के वर्षों में जंगल में आग की घटनाओं में वृद्धि से वन्य-जीवों के साथ-साथ...

घर बैठे खुद ही कोरोना संक्रमण की जांच की इलेक्ट्रॉनिक तकनीक विकसित

देश में इस समय कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है...

पौष्टिक आहार भी है “बांस”

अंकिता भारत में बांस को हरा सोना (Green Gold) भी कहा जाता है, क्योंकि यह एक...

इंटीग्रेटेड फार्मिंगः सिमलास ग्रांट में आकर देखिए स्वरोजगार की राह

राजेश पांडेय कुछ दिन पहले मछली पालन से स्वरोजगार की जानकारी आप तक पहुंचाई थी।...

किसान की कहानीः खेती में लागत का हिसाब लगाया तो बैल बेचने पड़ जाएंगे !

राजेश पांडेय जब भी आप खाना खाएं तो उन किसान को जरूर याद करें, जिन्होंने...

सितंबर माह में हो सकती है अत्यधिक बारिशः अध्ययन

इंडिया साइंस वायर संपूर्ण विश्व इस समय ग्लोबल वार्मिंग  की समस्या से जूझ रहा है। ग्लोबल...

कीट-पतंगों की दृष्टि को प्रभावित कर रहा है प्रकाश प्रदूषण

इंडिया साइंस वायर अंधेरे में जगमगाती एलईडी लाइट्स की रोशनी ने देर रात तक काम करते...

कोविड-19 के उपचार में मददगार हो सकती है ‘मुलेठी’

एक दिलचस्प शोध निष्कर्ष में, भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के अंतर्गत कार्यरत...

सिलस्वाल जी से कीजिए, मछली पालन से समृद्धि पर बात

ऋषिकेश शहर से हरिद्वार जाते समय करीब नौ किमी. की दूरी पर श्यामपुर ग्राम सभा...

एलोवेरा से बन सकती है मेमोरी-चिप

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), इंदौर ने एलोवेरा के पौधे पर किए एक अध्ययन में पाया है कि एलोवेरा के फूल के अर्क में ऐसे रासायनिक अवयव होते हैं जिनका उपयोग सूचना-भंडारण के लिए किया जा सकता है। एलोवेरा के फूलों में ऐसे रासायनिक अवयव हैं, जिनसे इलेक्ट्रॉनिक मेमोरी प्रभावित होती है और बैटरी की मदद से इन रासायनिक अवयवों का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाटा को स्टोर करने में किया जा सकता है।

गेहूं और चावल में कम होते जा रहे पोषक तत्व

गेहूँ और चावल जैसे अनाज दुनियाभर के लोगों के भोजन का अहम हिस्सा हैं। लेकिन,...

जीएम क्राप्स का विज्ञान क्या हैं, आइए जानते हैं

नीला केला (Blue banana) प्राप्त करने के लिए केले के डीएनए (DNA) में ब्लूबेरी (Blueberry) का डीएनए डाला जा सकता है। विनिमय दो या दो से अधिक जीवों के बीच किया जा सकता है। यहां तक कि एक पौधे में मछली के जीन का परिचय भी दिया जा सकता है। आपको विश्वास नहीं होता? इस तथ्य पर विचार करें। एक आर्कटिक मछली के जीन को टमाटर में डाला गया, ताकि इसे ठंड के प्रति सहनशील बनाया जा सके। इस टमाटर ने मोनिकर 'मछली टमाटर' (moniker ‘fish tomato’) प्राप्त किया। लेकिन यह कभी बाजार में नहीं पहुंचा।

Video: कालाबाजारी और कर्जे के दुष्चक्र में फंसा दुग्ध उत्पादन

दुग्ध की गुणवत्ता तो तभी सही होगी, जब पशुपालन के लिए जरूरी सुविधाएं एवं संसाधन बिना किसी रूकावट के उपलब्ध होंगे। लॉकडाउन में पशुआहार की कालाबाजारी ने दाम अनियंत्रित और मनमाने कर दिए। गर्मियों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे और पानी का अभाव है। बीमारी में पशुओं की चिकित्सा के लिए व्यवस्था का साथ नहीं मिल पा रहा है। दुग्ध उत्पादन से होने वाली आय श्रम और लागत को पूरा नहीं कर पा रही है, ऐसे में पशुपालकों के समक्ष कर्जा लेने या पशुओं को बेचने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।

ब्लैक फंगसः कम प्रतिरोधक क्षमता, मधुमेह से पीड़ित लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने लोगों के फायदे के लिए सामान्य शब्दों में बताया, अगले चरण में, “फंगस हमारी रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर जाता है, हमारे ऊतकों को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होती है और वे मर जाते हैं, और जब ऊतक मर जाते हैं तो उनका रंग काला हो जाता है। यही वजह है कि म्यूकोरमाइकोसिस के लिए ब्लैक फंगस नाम का इस्तेमाल किया जाता है।”

प्रकृति पर तीन बड़े खतरे- जलवायु परिवर्तन, प्रकृति क्षरण और प्रदूषण

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्रकृति क्षरण और प्रदूषण – तीन बड़े...

VIDEO- मिल्क स्टोरीः क्या पानी के भाव खरीदा जा रहा है किसानों से दूध

राजेश पांडेय उत्तराखंड सरकार पशुपालन को प्रोत्साहित करने का दावा करती है, पर सरकार के...

2021 से 2025 में कम से कम कोई एक वर्ष अब तक का सबसे गर्म साल होगा !

वर्ष 2021-2025 की अवधि में 90 फ़ीसदी सम्भावना है कि कम से कम कोई एक...

कोविड की जांचः नमक के पानी से गरारे से, तीन घंटे में रिपोर्ट

वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रकोप शुरू होने के बाद से ही भारत में जांच के...