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यह कॉलम जिंदगी के हर उस आयाम को छूने की कोशिश है, जिनसे आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और वैचारिक रूप से भी समृद्धता हासिल होती है। इसमें ग्रामीण भारत, खासकर उत्तराखंड के विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले गांवों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है।

रामझूला के पास पैरों से पेंटिंग बनातीं अंजना की कहानी

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव ” मैं रामझूला के पास स्वर्गाश्रम में कागज पर राम नाम लिखती थी। पैरों से लिखने पर मुझे लोग सहयोग राशि देते थे, इससे मेरी जिंदगी…

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एक किसान ने सुनाई, बुरी तरह झुलस गए आलू की कहानी

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव देहरादून जिले के डोईवाला ब्लाक का कुड़कावाला गांव, जिसकी पहचान खेती किसानी में होती है, वो भी खासकर आलू की खेती के लिए। अब यह खेती…

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बड़ी दुविधा में फंस गए प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र चांडी गांव के गरीब परिवार

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव केंद्र सरकार की यथास्थान झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास परियोजना है, जिसके तहत झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए दिल्ली के कालकाजी में बनाए गए 3024 नवनिर्मित ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का प्रधानमंत्री…

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लक्ष्मणझूला में भीमल के रेशों से बदल रही जिंदगी

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव “मैंने लगभग 18-19 साल पहले ढालवाला में भीमल के रेशों (Bheemal fiber) से चप्पलें बनानी सीखी थीं। यह कार्य हमारी आजीविका का साधन बन गया है।…

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TALLA BANAS में पीपल की जड़ों वाला पानी पीता पूरा गांव

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लाक के तल्ला बणास गांव को अपने वर्षों पुराने पानी के स्रोत पर ही विश्वास है। गांववाले कहते हैं, स्रोत का…

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यमकेश्वर के इस गांव में कुछ दिन रुके थे भगवान श्रीराम

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal)  जिले के यमकेश्वर ब्लाक (Yamkeshwar Block) की ग्राम सभा रामजी वाला (Ram ji wala) का नाम भगवान श्रीराम (Lord Rama) के नाम…

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किमसार का गेंदी खेलः जब तक गोल नहीं होता खेल चलता रहता है, चाहे रात हो जाए

किमसार (पौड़ी गढ़वाल)। राजेश पांडेय पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लाक (Yamkeshwar block) का बेहद सुंदर गांव किमसार (Kimsar), जो यहां एक बार घूमने आ जाए, बार-बार याद करे। किमसार गांव…

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मिसालः बेटी के आग्रह पर पिता बने पैड मैन, बनाते और बेचने जाते हैं सैनिटरी नैपकीन

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव महिलाओं के स्वास्थ्य (Women Health) से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा, जिस पर घर परिवार की महिलाएं आपस में भी बातें नहीं करतीं। मासिक धर्म चक्र पर…

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सूर्याधार गांवः पानी नहीं मिलने से सैकड़ों बीघा खेत बंजर, किसान बेरोजगार

सूर्याधार (देहरादून)। राजेश पांडेय चर्चित सूर्याधार झील (Suryadhar lake), जिस गांव के नाम पर है, उस गांव की लगभग 500 बीघा खेती, पानी नहीं मिलने से बंजर पड़ी है। बताया…

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गुज्जरों की भैंसों ने खड़ा कर दिया गुटेल का जंगल !

कुनाऊं (पौड़ी गढ़वाल)। राजेश पांडेय भैंसों ने गुटेल का जंगल (Trewia Nudiflora Forest) खड़ा कर दिया, जब यह बात गुज्जर परिवारों (Gujjar Families) से सुनी तो मैं आश्चर्य में पड़…

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सौ साल से भी ज्यादा पुराने लाल डंडी वाले धान का बीज बोते हैं इस गांव के किसान

कोल गांव। राजेश पांडेय टिहरी गढ़वाल के कोल गांव में 15 परिवार रहते हैं, आबादी यही कोई 75 के आसपास है। पहले कृषि यहां आजीविका का प्रमुख स्रोत था, जो…

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नदियों से लाए पौधों को खेत में लगाकर लाखों कमा रहे किसान

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव “हमने देखा कि लोग नदियों, नालों के किनारे उगे साग को तोड़कर बाजार में बेच रहे थे। इसमें उनको काफी मेहनत करनी पड़ रही थी। वैसे…

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यूएस छोड़कर लौटे इंजीनियर ने गोवंश बचाने के लिए गांवों को रोजगार से जोड़ दिया

दिल्ली विश्वविद्यालय से 2006 में कंप्यूटर साइंस में बीटेक डिग्रीधारक सुनील रावत इन्फोसिस में बतौर इंजीनियर सेवाएं दे रहे थे। लगभग तीन साल अमेरिका में सेवाओं के बाद, भारत लौट…

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कौशल विकास पर डेढ़ सौ साल पहले से काम कर रहा था यह सरकारी स्कूल

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव उत्तराखंड में, देहरादून जिले के भोगपुर गांव में लगभग डेढ़ सौ साल पुराना स्कूल है। इस स्कूल की सवा सौ साल पुरानी इमारत आज भी बुलंद…

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मंदिर कथाः उड़िया बाबा को गंगाजी में मिली थी हनुमान जी की मूर्ति

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव ऋषिकेश के मायाकुंड में श्री मनोकामना सिद्ध हनुमान जी का मंदिर है। मंदिर में हनुमान जी की विशाल मूर्ति की प्रतिष्ठा लगभग सौ वर्ष पहले की…

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उत्तराखंड की इस बेटी को संगीत से मिला हौसला

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव “स्कूल के समय में गीत गाती थी, पर उस समय संगीत में करिअर बनाने की बात नहीं सोची थी। मुझे गीत गुनगुनाना अच्छा लगता था। शादी…

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इन शांत, सरल गढ़वाली साहित्यकार को गुस्सा क्यों आता है ?

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव “शुरुआत में साहित्यक मंचों पर दूसरे लेखकों की कविताओं और गीतों को उनकी शैली में गाता था। यह बात 1990 के आसपास की है। एक दिन…

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एक किसान का 20 साल से जैविक उत्पादों को बेचने के लिए संघर्ष

राजेश पांडेय। न्यूज लाइव जैविक उत्पाद महंगे बताए जाते हैं, पर इनको उगाने के लिए, जो मेहनत की जाती है, इनमें जो लागत लगती है, उस पर बहुत कम लोग…

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