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शहादत

उमेश राय

शहादत, शहद नहीं है,
आदत भी नहीं ..
यह प्रेम की उच्चतम – परम दशा है,
आत्मोत्सर्ग की दशा,
देश के लिए.
सर्वस्व त्याग, पका करता है यहाँ,

एक गुलाबी आग पर.
नसों-धड़कनों-रगों में एक उत्ताल ज्वार उठा करता है हर पल,
अपनी माटी,अपनी थाती,अपनी पहचान के लिए.
संपूर्ण स्वरूप परिवर्तन की महक,

माथे पर बाँधकर,
चल पड़ा था इंकलाबी,
एक जुनून, एक जोश में,
पूरे होश के साथ.
बचपन में खेत में गन्ने की फसल बोते देख,
जिसने बंदूक बोने का दृश्य हृदय में भर लिया था….

भगत सिंह, क्रांति भी रहे,
और मानवीय कांति भी.
आखिर शांति का पथ भी,
क्रांति के बिना पूर्ण नहीं हो पाता…
चाहे क्रांति अंतस में हो.़
भगत सिंह के लिए क्रांति एक रास्ता था,
लक्ष्य तो रही – मानवीय आजादी …

माटी को महफूज करने का मानस,
प्रेम को जीने,जीवन को प्रेम करने का साहस,
सब नहीं कर सकते ,
और जो करते हैं,
वही कृतकृत्य होते हैं.

भगत सिंह, आजादी के पक्षधर हैं,
बेहतर बनने की निरंतरता की आजादी.
माँ-मातृभूमि उनकी भूमिका है,
उपसंहार भी,

बिना कुछ दिए आजादी नेग में नहीं मिलती,
और माँ को देने के लिए अदेय कुछ भी नहीं.
मां,नारी का सृजनोत्सव खतरे में हो,
फिर चैन की बंशी बजाना बेसुरा होगा,
शौर्य की शिराएं भला किसलिए हैं!

अन्याय का प्रतिरोध,
दमन का मर्दन,
निरंकुशता पर अंकुश में है इसकी सार्थकता.
त्राण से मुक्ति प्राण देकर भी हो,
है वह श्रेयस्कर,

मुक्ति की युक्ति का यह इश्काना पथ,
शहीद-ए-आज़म के उर्वर-उत्कट उत्सर्ग से हुआ सुरभित,
यह बीते कल की बात नहीं है,
आने वाले कल की भी है,
यह एक हल(समाधान)भी है,
मुक्ति के सक्षम दीवानों के समक्ष….

यह शहादत, संघर्ष का सत् है..
बेहतरी का नित्य संघर्ष.
यही है, मुक्ति का शहीदी हर्ष!..

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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