Soil and Water Conservation Training Dehradun: ICAR-IISWC में वन विभाग के कार्मिकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर मंथन

Rajesh Pandey

Soil and Water Conservation Training Dehradun: देहरादून, 03 फरवरी, 2026ः ICAR–भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (IISWC), देहरादून के पादप विज्ञान प्रभाग ने वन विभाग के फ्रंट लाइन अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया।

Soil and Water Conservation Training Dehradun: “मृदा एवं जल संरक्षण तकनीक” विषय पर आधारित यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण 03 से 05 फरवरी 2026 तक संस्थान परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तरकाशी वन प्रभाग के कुल 19 वन कर्मियों और अधिकारियों ने प्रतिभाग किया है। उद्घाटन सत्र के दौरान क्षेत्रीय वनाधिकारी मनीष कुमार और ‘एसोसिएशन फॉर सोशल एंड एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी’ के क्षेत्रीय अधिकारी अमित किशोर भट्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Soil and Water Conservation Training Dehradun: पादप विज्ञान प्रभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जगमोहन सिंह तोमर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों पर प्रकाश डाला गया। डॉ. तोमर ने कहा कि अनियमित वर्षा, जंगलों की आग, बढ़ता तापमान और जल स्रोतों का सूखना जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वन बीट अधिकारी केवल वनों के प्रहरी नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के असली अग्रदूत हैं।

विशेषज्ञों के विचार

  • डॉ. राजेश कौशल (प्रधान वैज्ञानिक): उन्होंने वनों की भूमिका और वन्यजीवों की सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए।

  • डॉ. अनुपम बड़(वैज्ञानिक/कार्यक्रम समन्वयक): उन्होंने प्रशिक्षण सत्र का संचालन किया और इसके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस दौरान तकनीकी समन्वयक मुदित मिश्रा एवं संतोषी रौथान भी उपस्थित रहे।

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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