स्त्री

Rajesh Pandey

स्त्री,
सरल या जटिल,
एक अबूझ पहेली,
कितना कुछ, ख़ुद में समेटे,

बहुत मुश्किल है,
एक पुरुष के लिए,
एक सरल सी स्त्री के,
जटिल- मन को पढ़ पाना,

क्योंकि,
छिपा कर रखती है वो,
अपनी भावनाओं को,
मन के भीतर भी,
हज़ार परदों के पीछे,

भीतर ही भीतर, ख़ुद भी,
पर्दा करती है,अपनी ही भावनाओं से,

इतनी जकड़ी है इस पर्दे में,
कि चाह कर भी,
कभी कोई भाव मन से बहकर,
उसके अधरों तक नहीं पहुँच पाता,

पर हाँ,
पहुंच जाता है ,कभी-कभी,
आँखों तक,
और ख़ामोशी से बह जाता है,

जटिल है,
ये सरल सी दिखने वाली स्त्री,

जानते हो,
शिव के दोे रूप हैं
त्रिनेत्र, अर्द्धनारीश्वर,

शायद इसी तीसरे नेत्र से
स्त्री झाँक लेती है,
पुरुष के मन में ,

परन्तु पुरुष,
परमेश्वर हो कर भी,
कभी थाह नहीं ले पाता,
उसके मन की पीड़ा की,

अजीब है न,
अर्द्धांगिनी नाम भी देता है,
और अपने ही उस आधे हिस्से के दर्द को,
महसूस भी नहीं कर पाता,

और यूं स्त्री बनी रहती है,
जीवनभर,
एक अबूझ पहेली,
उसके लिए, सबके लिए,
ख़ुद के लिए ||

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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