Jaiku and Maiku Jungle Salon Story:कहानी की शुरुआत जैकू नाम के एक बहुत ही सीधे-साधे और प्यारे बंदर से होती है। जैकू का एक ही सपना था कि वह जंगल के हर जानवर को शहर के लोगों की तरह खूबसूरत बना दे। उसे लगा कि अगर वह खूबसूरती का राज सीख लेगा, तो जंगल में उसकी बहुत इज्जत होगी।
अपने सपने को पूरा करने के लिए जैकू शहर पहुँचता है, लेकिन वहां की भीड़ और शोर देखकर घबरा जाता है। तभी उसकी मुलाकात मैकू से होती है। मैकू शहर का एक चालाक बंदर था, जिसे सपनों से ज्यादा मौके की तलाश रहती थी। मैकू ने जैकू से वादा किया कि वह उसे खूबसूरती का राज सिखाएगा।
Jaiku and Maiku Jungle Salon Story:मैकू, जैकू को एक दुकान पर ले गया जहाँ जैकू ने पहली बार आईने (शीशे) में अपनी शक्ल देखी और डर गया। मैकू ने उसे समझाया कि यह उसकी अपनी ही परछाई है। फिर दोनों ने छिपकर देखा कि कैसे एक नाई कैंची चलाकर एक आदमी को सुंदर बना देता है। जैकू को लगा कि यह काम बहुत आसान है और वह सिर्फ देखकर ही इसे सीख गया है।
मैकू जानता था कि सिर्फ देखने से काम नहीं चलेगा, औजार भी चाहिए। उन्होंने मौका देखकर नाई की कैंची, कंघा और उस्तरा चुरा लिया। भागते समय एक बड़ा आईना उनके हाथ से छूटकर चकनाचूर हो गया, लेकिन फुर्तीले मैकू ने उसका एक छोटा सा टुकड़ा उठा लिया।
Jaiku and Maiku Jungle Salon Story:जंगल पहुँचकर मैकू ने ‘जंगल सैलून’ खोला और उद्घाटन के लिए जैकू को ही कुर्सी पर बिठाया। लेकिन जैसे ही मैकू ने जैकू के बालों में कैंची चलाई, वह उसके घने बालों में बुरी तरह फंस गई। जैकू दर्द से चिल्ला उठा। मैकू ने जब उस्तरे से सुधारने की कोशिश की, तो वह फिसल गया और जैकू के कान पर लग गया, जिससे खून बहने लगा।
कहानी की सीख: जैकू को एक पल में समझ आ गया कि किसी काम को होते हुए देखना और उसे खुद करने में जमीन-आसमान का फर्क होता है। उसने कहा, “मुझे सुंदर नहीं बनना, मैं जैसा था वैसा ही ठीक हूँ।” वह अपना सपना और औजार वहीं छोड़कर भाग गया।
यह कहानी हमें सिखाती है कि बिना सही प्रशिक्षण और अभ्यास के कोई भी काम आसान नहीं होता। केवल दूसरों की नकल करने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि ठोकर लगने पर ही असलियत समझ आती है।
भाग 1: लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तरी (Quiz)
1. जैकू ने शहर जाने की योजना क्यों बनाई थी?
जैकू ने सुना था कि शहर के लोग बहुत सुंदर होते हैं, इसलिए वह उनकी सुंदरता के रहस्य जानने के लिए शहर जाना चाहता था। उसका उद्देश्य उन उपायों को सीखकर जंगल के जीवों को सुंदर बनाना और जंगल में अपना सम्मान बढ़ाना था।
2. जैकू और मैकू की पहली मुलाकात का वर्णन करें।
जब जैकू शहर पहुँचा, तो वह वहां के बारे में कुछ न जानने के कारण घबराया हुआ एक दीवार पर बैठा था। तभी मैकू नामक एक युवा बंदर ने उसकी पीठ पर हाथ रखकर उसका परिचय पूछा और उसे आश्वासन दिया कि वह उसे नुकसान नहीं पहुँचाएगा।
3. मैकू ने जैकू को ‘आइना’ (दर्पण) के बारे में क्या बताया और जैकू की उस पर क्या प्रतिक्रिया थी?
मैकू ने जैकू को एक चमकीली चीज़ दिखाई, जिसे इंसान ‘आइना’ कहते हैं और उसे उसके सामने जाने को कहा। आइने में अपनी ही छवि देखकर जैकू डर गया और डर के मारे तेजी से कूदकर दीवार पर चढ़ गया क्योंकि उसने पहली बार अपनी शक्ल देखी थी।
4. इंसान सुंदर दिखने के लिए क्या करते हैं, जैसा कि बंदरों ने देखा?
बंदरों ने देखा कि एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा है और दूसरा व्यक्ति कैंची से उसके बिखरे हुए बालों को काट रहा है। मैकू ने समझाया कि बालों की कांट-छांट करने से इंसान सुंदर दिखते हैं।
5. मैकू ने बाल काटने का काम सीखने के संबंध में जैकू को क्या चेतावनी दी थी?
मैकू ने जैकू से कहा कि बाल काटने के लिए धैर्य की आवश्यकता होती है। उसने यह भी चेतावनी दी कि कैंची, कंघा और उस्तरा जैसे उपकरणों का प्रयोग अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए।
6. दोनों बंदरों ने शहर से भागते समय किन वस्तुओं की चोरी की?
जब दोनों बंदरों को लगा कि उन्होंने काम सीख लिया है, तो वे एक छोटा आइना, एक कंघा, एक उस्तरा और एक कैंची लेकर वहां से भाग निकले। भागते समय आइना गिरकर टुकड़े-टुकड़े हो गया था, लेकिन उसका एक छोटा टुकड़ा उन्होंने बचा लिया था।
7. मैकू द्वारा जैकू के बाल काटने के प्रयास का क्या परिणाम हुआ?
मैकू ने जैसे ही कैंची से जैकू के बाल काटने की कोशिश की, कैंची बालों में ही फंस गई। इससे जैकू के सिर में तेज दर्द होने लगा और वह बाल नहीं काट पाया।
8. जैकू को चोट कैसे लगी?
जब कैंची फंस गई, तो मैकू ने उस्तरे से बाल सुधारने की कोशिश की और जैकू को न हिलने के लिए कहा। घबराहट में जब जैकू दूर हटने लगा, तो उस्तरा उसके कान पर लग गया और खून बहने लगा।
9. कहानी के अंत में जैकू ने सुंदरता के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला?
दर्द से कराहते हुए जैकू ने कहा कि उसे अपनी जान बहुत प्यारी है और वह जैसा था, वैसा ही अच्छा है। उसने सुंदर बनने का विचार त्याग दिया और वापस जंगल की ओर भाग गया।
10. इस कहानी का केंद्रीय विचार क्या है?
यह कहानी दर्शाती है कि बिना पूर्ण ज्ञान और प्रशिक्षण के किसी कौशल का अनुकरण करना खतरनाक हो सकता है। साथ ही, यह कृत्रिम सुंदरता के बजाय सहजता और सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालती है।
भाग 2: उत्तर कुंजी (Answer Key)
प्रश्न संख्या
मुख्य बिंदु
1
सुंदरता के उपाय सीखना और जंगल में सम्मान पाना।
2
शहर की दीवार पर डरे हुए जैकू से मैकू का मिलना।
3
आइने को चमकीली चीज़ कहना; जैकू का अपनी परछाई से डरना।
4
कैंची से बालों की कांट-छांट करना।
5
धैर्य की आवश्यकता और उपकरणों के सावधानीपूर्वक उपयोग की सलाह।
6
आइना (टूटा हुआ टुकड़ा), कंघा, उस्तरा और कैंची।
7
कैंची का बालों में फंसना और जैकू को दर्द होना।
8
उस्तरे के प्रयोग के दौरान जैकू के हिलने से कान पर घाव होना।
9
स्वाभाविक रूप में ही संतुष्ट होना और जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देना।
10
अधूरा ज्ञान और नकल के खतरे।
भाग 3: शब्दावली (Glossary)
यहाँ कहानी में प्रयुक्त महत्वपूर्ण शब्दों और उनके अर्थों की सूची दी गई है:
• आइना: वह शीशा जिसमें चेहरा देखा जाता है; दर्पण (Mirror)।
• उस्तरा: बाल काटने या दाढ़ी बनाने का एक धारदार औजार (Razor)।
• उपकरण: किसी कार्य को करने के लिए आवश्यक साधन या औज़ार (Tools/Equipment)।
• कांट-छांट: किसी चीज़ (जैसे बाल) को काटकर व्यवस्थित या छोटा करने की प्रक्रिया (Trimming)।
• जंगली: जंगल में रहने वाला; यहाँ इसका प्रयोग जैकू की सहज और सरल प्रकृति के लिए भी किया गया है (Wild/Forest-dweller)।
• धैर्य: विकट परिस्थिति में शांत रहने का गुण; सब्र (Patience)।
• सैलून (दुकान): वह स्थान जहाँ लोगों के बाल काटे जाते हैं और उन्हें सजाया-संवारा जाता है (Barber Shop/Salon)।
• सम्मान: समाज या समुदाय में मिलने वाली प्रतिष्ठा या आदर (Respect/Honor)।
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव।
बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया।
जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं।
शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी
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