By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: Uttarakhand Election 2022: आखिरकार हरीश रावत ने कांग्रेस के लिए कह दी अपने मन की बात
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Analysis > Uttarakhand Election 2022: आखिरकार हरीश रावत ने कांग्रेस के लिए कह दी अपने मन की बात
AnalysisElectionFeaturedPoliticsUttarakhand

Uttarakhand Election 2022: आखिरकार हरीश रावत ने कांग्रेस के लिए कह दी अपने मन की बात

Rajesh Pandey
Last updated: December 19, 2021 9:34 pm
Rajesh Pandey
4 years ago
Share
SHARE
क्या रावत वास्तव में चुनाव नहीं लड़ेंगे या 
जनता की सहानुभूति चाहते हैं पूर्व मुख्यमंत्री
देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया पर लगातार अपने मन की बात करते हैं। उनके मन की बात और सवालों के कई राजनीतिक मायने होते हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस को सक्रिय करते हुए राज्यभर का भ्रमण करने वाले हरीश रावत की पीड़ा उनकी बातों में साफ दिखाई देती है कि कांग्रेस ने उनको मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया। यही नहीं, कांग्रेस के अन्य नेता 2022 का विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने की बात कह रहे हैं। क्या हरीश रावत अपनों से आहत हैं।
रावत उनके खिलाफ सभी शक्तियां एक होने की बात कहते हुए चुनाव नहीं लड़ने की ओर भी इशारा करते हैं, उनके शब्दों से तो यही लगता है। पर, यहां उनकी बातों का यह अर्थ निकालना जल्दबाजी होगी। यहां समझने वाली बात यह है कि क्या रावत वास्तव में चुनाव नहीं लड़ेंगे या जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए ऐसा कुछ लिख रहे हैं।
पिछले दिनों रावत ने अपनी बात सोशल मीडिया में इस सवाल के साथ रखी थी कि उनको 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन क्यों बनाया गया। माना जा रहा है कि इस सवाल से उन्होंने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया था कि इस चुनाव में कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा वो ही हैं। क्योंकि अक्सर उन्हीं नेताओं को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाता रहा है, जिनको राजनीतिक दल चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन बनाया जाता है।
  • Uttarakhand election 2022 : क्या अप्रशिक्षितों से चोर दरवाजे से काम लिया जा रहा है
  • Uttarakhand Election 2022: AAP को लेकर चिंता में क्यों हैं हरीश रावत
  • Uttarakhand election 2022: क्या एक दूसरे को फॉलो कर रहे हैं हरीश रावत और केजरीवाल
अब उनकी एक ओर सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें उन्होंने एक पोर्टल के चुनावी सर्वे से उत्साहित होकर खुलकर अपने मन की बात कही। वो कहते हैं, मेरे मन में बड़ी हलचल है, एक तिहाई से ज्यादा लोगों की मुख्यमंत्री के रूप में पसंद बनना एक बड़ी सौगात है और ये सौगात उस समय और प्रखर हो जाती है जब इस पर पार्टी की शक्ति लगी हुई नहीं होती है।  रावत कहते हैं, जिसके नेतृत्व को लेकर पार्टी में ही असमंजस हो उसको इतना आर्शीवाद मिलना जनता जनार्दन की कृपा है। लोग हरीश रावत को पसंद नहीं करते, लोग उत्तराखंडियत के साथ है।
वो लिखते हैं, 2014 से लेकर 2017 तक की सरकार के छोटे से कार्यकाल की जो योजनाएं हमने संचालित कीं, जो नीतियाँ हमने बनाईं, जो एक जुनूनमुखी मुख्यमंत्री के तौर पर हमने काम किया , ये उसके कारण प्राप्त हो रही है, मैं अपने आपको एक साधनहीन, शक्तिहीन, समर्थनहीन कहूँगा क्योंकि शक्तिशाली लोगों का मेरे पास समर्थन हासिल नहीं है।
  • पूर्व सीएम हरीश रावत के मन में ये दो सवाल क्यों उठ रहे हैं?
  • Uttarakhand election: सिसोदिया ने जो दिखाया, क्या वो पहले कभी नहीं दिखा
रावत के अनुसार, सत्ता की पूरी ताकत मुझे बदनाम करने में लगी हुई है, ऐसी स्थिति में लोगों का ये प्यार मुझसे चुपके चुपके कानों में कह रहा है कि हरीश अब बहुत हो गया है, आगे और विवाद में क्यों पड़ते हो। लोगों की चाहत बना रहना, एक बड़ी उपलब्धि है, इस पूँजी के साथ अब अपने आप को केवल केवल उत्तराखंडियत के लिए समर्पित करूँ।
उन्होंने लिखा, अब थोड़ा मुझे अपने बेटे बेटियों, जिन्होंने मेरी ही गलतियों वश राजनीति की और कदम बढ़ा दिये या मेरी ढिलाई समझ लीजिए, प्रोत्साहन तो मैंने कभी दिया नहीं, लेकिन मेरी ढिलाई के कारण वो भी इस काम में लग गये, उनकी चिंता होती है, क्योंकि उनके प्रति भी मेरा दायित्व है। मगर राज्य के प्रति, जनता के प्रति दायित्व बड़ा है।
मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए 
एक होकर काम करेंगी शक्तियांः रावत
पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने लिखा, मैं जानता हूँ, कुछ बड़ी शक्तियाँ किसी भी हालत में मुझे 2014 से 2016 की ओर 2017 के प्रारंभ तक की पुनरावृत्ति नहीं करने देंगे। मुझे मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए पूरी शक्तियाँ एकीकृत होकर काम करेंगी।
क्या चुनाव नहीं लड़ने की बात कह रहे हैं रावत
आगे वो लिखते हैं, चुनौती स्वीकार करने का अर्थ है चुनाव को करो या मरो के भाव से लड़ना, मैं राजनीति में इस भाव का समर्थक नहीं हूँ, ये लोकतंत्र का त्यौहार स्नेह का त्यौहार है। मगर, जब अपने और पराये दोनों इस त्यौहार में आपको सम्मिलित नहीं करना चाहते हैं तो छुपके से उत्तराखंडियत का ध्यान लगाना , बाबा केदार को अपने आप को समर्पित करना जीवन का रास्ता है।

You Might Also Like

खुशखबरीः उत्तराखंड पुलिस में नौकरी का मौका, आयोग ने 2000 वैकेंसी के लिए मांगे आवेदन
विद्यालयों में ही मिलेंगे आय, स्थाई निवास, जाति के प्रमाणपत्र
कोरोना वायरसः दुनियाभर में 86 करोड़ से ज्यादा छात्रों की पढ़ाई पर असर
उत्तराखंड के इस जिले में प्रति हजार पुरुषों पर सबसे ज्यादा 1021 महिला मतदाता
चारधाम यात्रा 2025: स्वास्थ्य सचिव ने चमोली में लिया तैयारियों का जायजा
TAGGED:Harish Rawat facebookHarish Rawat followersHarish Rawat on social mediaHarish Social Media post
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article पर्यावरणविद् सुंदर लाल बहुगुणा ने जब पेड़ों को बचाने के लिए जीवन दांव पर लगा दिया
Next Article योगगुरु डॉ. जोशी ने सर्द रात में गंगा में खड़े होकर किया जल तत्व से ऊर्जा का अभ्यास
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?