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Uttarakhand election 2022: क्या एक दूसरे को फॉलो कर रहे हैं हरीश रावत और केजरीवाल

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) का चुनावी कैंपेन (Election Campaign) आम आदमी पार्टी (AAP) की घोषणाओं और गारंटी से थोड़ा पीछे खिसक गया। रावत ने महिलाओं के खाते में रसोई गैस की एवज में 200 रुपये प्रति माह जमा कराने का वादा किया था, पर केजरीवाल उनसे भी बड़ी घोषणा कर गए। अब रावत ने AAP के 300 यूनिट फ्री बिजली के नारे को अपनी घोषणा में शामिल कर लिया है।
AAP के  300 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा और उसके लिए रजिस्ट्रेशन कैंपेन चलाने का चुनाव में कितना असर पड़ेगा, यह तो बाद में ही पता चल सकेगा पर कांग्रेस की सत्ता में वापसी के लिए जोर-शोर और पूरी सक्रियता से जुटे हरीश रावत इस मामले में AAP को फॉलो कर रहे हैं।
पहले बात करते हैं AAP की। उत्तराखंड में 2022 का चुनाव लड़ने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) जोर शोर से जुटी है। AAP के संयोजक Arvind Kejriwal उत्तराखंड के चार चुनावी दौरे कर चुके हैं और हर बार बड़ा वादा करते दिल्ली लौटते हैं। वो अपने हर वादे को गारंटी बताते हैं और कहते हैं कि गारंटी देने का काम न तो पिछली सरकारों ने किया और न अपने वादे निभाए। उत्तराखंड में उनकी पार्टी की सरकार बनी तो मुफ्त बिजली दिए जाने, युवाओं को रोज़गार देने और मुफ्त तीर्थ यात्रा कराने की गारंटी देते हैं। AAP कार्यकर्ता हर वादे के लिए गारंटी कार्ड बांट रहे हैं।
केजरीवाल की महिलाओं के लिए घोषणा 
मंगलवार को काशीपुर पहुंचे केजरीवाल ने महिलाओं के लिए घोषणा की है। उन्होंने वादा किया कि उत्तराखंड में AAP की सरकार बनने पर 18 साल से अधिक आयु की हर महिला को प्रत्येक महीने एक हजार रुपये दिए जाएंगे। केजरीवाल भाजपा-कांग्रेस पर प्रदेश के खजाने को लूटने का आरोप लगाते हुए कहते हैं, अब ये पैसा बेरोजगारों और महिलाओं की जेब में जाएगा। साथ ही, दावे के साथ उन्होंने यह भी कहा कि वह अपना वादा पूरा करेंगे। अगर नहीं कर पाए तो उनके खिलाफ मुकदमा कर देना।
मालूम हो कि केजरीवाल की चौथी घोषणा महिलाओं के लिए हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या की लगभग 47 फीसदी (36,02,801) महिलाएं थीं, जबकि पुरुष मतदाता लगभग 53 फीसदी (39,90,044) थे। राज्य में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, महिलाओं की आबादी 49.48 लाख है, जबकि पुरुषों की संख्या 52.38 लाख है। उनकी यह घोषणा भाजपा और कांग्रेस की चिंता बढ़ाने वाली है।
नये जिले बनाने की मांग पर भी केजरीवाल का वादा
वहीं केजरीवाल ने उत्तराखंड में सरकार बनने की स्थिति में एक माह के भीतर छह जिले बनाने की बात भी कही। उन्होंने काशीपुर, रानीखेत, डीडीहाट, कोटद्वार, रुड़की और यमुनोत्री को जिला बनाने का वादा किया। राज्य में नये जिले बनाने की मांग लंबे समय से हो रही है।
अमर उजाला लिखता है- उत्तराखंड में 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे रमेश पोखरियाल निशंक ने कोटद्वार, यमुनोत्री, डीडीहाट और रानीखेत को जिला बनाने की बात कही थी। पर, एक भी नया जिला नहीं बना। पिछले दिनों डीडीहाट जिले की मांग को लेकर करीब डेढ़ महीने तक आंदोलन चला। काशीपुर और रानीखेत की मांग भी उठती रही है।
कुल मिलाकर केजरीवाल मंगलवार को नये जिले बनाने की अपनी घोषणा से राज्य में लंबे समय से उठ रही मांगों को पूरा किए जाने के लिए उम्मीद दिखाते हैं। पर, यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा कि केजरीवाल की लुभावनी घोषणाएं कितना प्रभाव दिखाएंगी।
हरीश रावत ने फ्री बिजली पर क्या वादा किया
अब बात करते हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की। सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक संवाद बनाकर रखने वाले पूर्व सीएम रावत ने उनके मुख्यमंत्री काल में ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों का जिक्र किया है।
रावत लिखते हैं- मुख्यमंत्री बनने के तत्काल बाद ऊर्जा क्षेत्र में ढांचागत सुधार शुरू किए l नतीजा रहा 14 घंटे मिलने वाली बिजली को 24 घंटे उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल करना।  इतना ही नहीं तीनों ऊर्जा निगम को घाटे से निकाल लाभ में ला खड़ा किया l
पूर्व सीएम रावत कहते हैं,  यह हमारा वादा है, हमारा संकल्प है कि यदि 2022 में सत्ता मिली तो ना केवल पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य उत्तराखंड को बनाएंगे बल्कि अपने सभी नागरिकों को पहले वर्ष प्रतिमाह 100 यूनिट तथा दूसरे वर्ष से 200 यूनिट फ्री बिजली देंगे l इनमें कोरोना से तबाह हुए छोटे व्यवसाई और ट्यूबवेल धारकों को भी शामिल किया जाएगा।
रावत ने केजरीवाल की घोषणा पर सवाल उठाए
साथ ही, उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें दावा करते हैं कि उन्होंने उत्तराखंड को देश में सबसे सस्ती बिजली देने का काम किया। कहते हैं, दिल्ली वाले सबसे महंगी बिजली दे रहे हैं, डोमेस्टिक भी और कॉमर्शियल भी।
रावत केजरीवाल की घोषणाओं पर सवाल करते हुए कहते हैं, क्या केजरीवाल जी दिल्ली में छोटी इंडस्ट्रीज, छोटे उद्यमियों को लाभ दे रहे हैं। हम तो उनको भी लाभ देंगे। वो कंडीशनली बिजली दे रहे हैं, उनके यहां 200 यूनिट पार हो गई तो पूरा बिजली बिल देना पड़ता है। हम 200 यूनिट पार करने पर एक यूनिट से शुरू करेंगे, जितना पार होगी, उतना बिजली बिल देना पड़ेगा।
वीडियो में पूर्व सीएम कह रहे हैं, हमने एक और बड़ी बात कही है,जिसमें हम देश में फर्स्ट हैं। रसोई गैस के दाम बढ़ने पर मैं बहुत दुखी हूं, गैस के दाम बढ़ने पर गृहणियों पर बड़ा भारी बोझ आ गया है। इसलिए हमने यह तय किया है कि प्रति परिवार महिलाओं के खाते में दो सौ रुपये जमा करेंगे।

वहीं बेरोजगारी के मुद्दे पर भी हरीश रावत लगातार अभियान चलाते रहे हैं। मंगलवार को रावत देहरादून में प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट (एलोपैथिक) महासंघ उत्तराखंड के प्रदर्शन में शामिल हुए। महासंघ मांगों लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच/विरोध प्रदर्शन कर रहा था। पूर्व सीएम ने उनके प्रदर्शन में शामिल होकर उन्हें समर्थन दिया।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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