यूपी में पहला चुनावः उत्तराखंड में तीन सीटों पर दो-दो विधायक निर्वाचित हुए

Rajesh Pandey

उत्तरप्रदेश की पहली विधानसभा के लिए मतदान 28 मार्च 1952 को हुआ था। उस समय उत्तरप्रदेश में 347 सीटें थी, जिनमें से 83 सीटें दो-दो सदस्यों वाली थीं। वर्तमान उत्तराखंड में उस समय 19 सीटें थीं, जिनमें पौड़ी साउथ कम चमोली (ईस्ट), पिथौरागढ़ कम चंपावत एवं रुड़की वेस्ट कम सहारनपुर नार्थ में दो-दो सदस्यों का निर्वाचन हुआ था।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 1951 के लिए 347 सीटों पर 2604 प्रत्याशी मैदान में थे। सबसे अधिक 18 प्रत्याशी फिरोजाबाद कम फतेहाबाद सीट पर दावेदारी कर रहे थे। इस चुनाव में 38.01 फीसदी मतदान हुआ था।

अविभाजित उत्तर प्रदेश में वर्तमान उत्तराखंड की इन सीटों पर चुनाव हुआ, जिनमें 1. चकराता कम वेस्टर्न दून (नार्थ)- पर शांति प्रपन शर्मा, 2. वेस्टर्न दून साउथ कम (इस्टर्न) दून पर नर देव शास्त्री, 3. रवाईं कम टिहरी नार्थ पर जयेंद्र सिंह बिष्ट 4. देवप्रयाग पर सत्य सिंह, 5. टिहरी (साउथ) कम प्रताप नगर पर महाराज कुमार बालेंदु शाह, 6. चमोली वेस्ट कम पौड़ी नार्थ पर गंगाधर मैठानी, 7. पौड़ी साउथ कम चमोली (ईस्ट) पर चंद्र सिंह रावत एवं बलदेव सिंह आर्य 8. लैंसडाउन (ईस्ट) पर राम प्रसाद , लैंसडाैन (वेस्ट) पर जगमोहन सिंह, 10. पिथौरागढ़ कम चंपावत पर खुशी राम एवं नरेंद्र सिंह, 11. रानीखेत (नार्थ) पर मदन मोहन, 12. रानीखेत (साउथ) पर हर गोविंद, 13. अल्मोड़ा (उत्तर) पर भूपाल सिंह, 14. अल्मोड़ा (साउथ) पर गोवर्धन,15. नैनीताल (नॉर्थ) पर नारायण दत्त , 16. नैनीताल (दक्षिण) पर लक्ष्मण दत्त, 17. रुड़की ईस्ट पर दीन दयाल 18. रुड़की साउथ पर ख्वाजा अतहर हसन, 19. रुड़की वेस्ट कम सहारनपुर नार्थ पर शुगन चंद एवं जयपाल निर्वाचित हुए थे। इनमें से सहारनपुर वर्तमान उत्तराखंड में नहीं है।

उत्तर प्रदेश की पहली विधानसभा में दो सदस्यीय सीटों की वजह से 347 सीटों पर 430 विधायक चुने गए, जिनमें इंडियन नेशनल कांग्रेस के 388, सोशलिस्ट पार्टी के 20, ऑल इंडिया भारतीय जन संघ के दो तथा अखिल भारतीय राम राज्य परिषद, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा, किसान मजदूर प्रजा पार्टी, यूपी प्रजा पार्टी तथा यूपी रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एक-एक विधायक तथा 15 निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए।

वहीं, उस समय वर्तमान उत्तराखंड से 16 विधायक कांग्रेस, तीन सोशलिस्ट पार्टी से तथा तीन निर्दलीय निर्वाचित हुए। रवाईं कम टिहरी नार्थ पर जयेंद्र सिंह बिष्ट, देवप्रयाग पर सत्य सिंह, टिहरी (साउथ) कम प्रताप नगर पर महाराज कुमार बालेंदु शाह निर्दलीय चुनाव जीते।

ये दल हुए थे शामिल- अखिल भारतीय भारतीय जन संघ (बीजेएस), बीपीआई (बोल्शेविक पार्टी ऑफ इंडिया), सीपीआई (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया), फॉरवर्ड ब्लॉक (रुइकर ग्रुप)-एफबीएल (आरजी), अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एचएमएस), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, किसान मजदूर प्रजा पार्टी (केएमपीपी), रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (आरसीपीआई ), अखिल भारतीय राम राज्य परिषद (आरआरपी), रिवोल्यूशनरी समाजवादी पार्टी (आरएसपी), ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट फैडरेशन(एससीएफ), एसपी( सोशलिस्ट पार्टी), स्टेट पार्टी – यू.पी. प्रजा पार्टी (यूपीपीपी), यूपी रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (यूपीआरएसपी)।

स्रोत- चुनाव आयोग

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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