SHORT STORY FOR KIDSShort story- Moral ValuesStory

The Clever Mouse and the Hungry Cat story: भूखी बिल्ली और चालाक चूहा

The Clever Mouse and the Hungry Cat story 

  • राजेश पांडेय

“The Clever Mouse and the Hungry Cat” की कहानी, जो एक मोटी बिल्ली और एक चालाक चूहे के बीच की सूझबूझ को दर्शाती है। Story Pillars पर प्रकाशित इस  कहानी की शुरुआत एक मोटी बिल्ली से होती है जो भोलू नाम के व्यक्ति के घर में रहती थी। एक रविवार के दिन, वह अपने आंगन में बैठी कुछ सोच रही थी और फिर बाजार की ओर निकल पड़ी। रास्ते में उसे एक बड़ा, मोटा-ताजा चूहा दिखाई दिया जिसकी मूंछें बहुत बड़ी-बड़ी थीं।

The Clever Mouse and the Hungry Cat story: अचानक बिल्ली को सामने देखकर चूहा पहले तो घबरा गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने बहुत ही नम्रता से बिल्ली को “मौसी जी नमस्ते” कहा। बिल्ली के मन में तो उस मोटे चूहे को देखकर लालच आ गया था, लेकिन चूहा बहुत होशियार था। वह बिल्ली के इरादे भांप गया और अपनी जान बचाने के लिए एक बहाना बनाया।

चूहे ने दुखी चेहरा बनाकर बिल्ली से झूठ बोला कि उसे 104 डिग्री का तेज बुखार है और वह डॉक्टर के पास जा रहा है। उसने यह इसलिए कहा ताकि बिल्ली को लगे कि एक बीमार चूहे को खाना ठीक नहीं होगा। उसने यह भी कहा कि कमजोरी की वजह से उसने सुबह से कुछ नहीं खाया है।

Also Read: Clever Toys vs Giant Dinosaur Story: चूहों ने डायनासोर को जमीन पर गिरा दिया

The Clever Mouse and the Hungry Cat story:  बिल्ली भी कम चालाक नहीं थी। उसने चूहे को फुसलाते हुए कहा, “डॉक्टर के पास जाने की क्या ज़रूरत है? तुम मेरे पास आओ, मैं तुम्हारा सारा इलाज कर दूँगी”। चूहा समझ गया कि बिल्ली का ‘इलाज’ करने का मतलब उसे अपना भोजन बनाना है। जैसे ही बिल्ली ने उसे पकड़ने के लिए अपना पंजा बढ़ाया, चूहा पहले से ही सतर्क था।

बिल्ली की चाल नाकाम रही और चालाक चूहा तेज़ी से दौड़कर अपने घर के सुरक्षित बिल में घुस गया। बेचारी मोटी बिल्ली बाहर खड़ी देखती रह गई। घर पहुँचकर चूहे ने राहत की सांस ली।

कहानी की सीख: इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि मुश्किल समय में घबराने के बजाय समझदारी और होशियारी से काम लेना चाहिए, क्योंकि बुद्धि हमेशा शारीरिक ताकत से बड़ी होती है।

भाग 1: लघु उत्तर प्रश्नोत्तरी (Quiz)
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 2-3 वाक्यों में दें:
1. कहानी के प्रारंभ में मोटी बिल्ली कहाँ थी और वह क्या कर रही थी? बिल्ली भोलू के घर के आंगन में बैठकर कुछ सोच रही थी। उसने भोलू से सुना कि आज रविवार है, जिसके बाद वह अचानक उठकर तेजी से बाजार की ओर दौड़ पड़ी।
2. बिल्ली की शारीरिक विशेषताओं और उसकी पसंद के बारे में क्या बताया गया है? बिल्ली काफी मोटी है और उसे अपनी पूंछ से बहुत प्यार है। वह अक्सर अपनी मोटी सी पूंछ को हिलाती रहती है, जो उसके व्यवहार का एक मुख्य हिस्सा है।
3. बाजार जाते समय बिल्ली को कौन मिला और उसका हुलिया कैसा था? बाजार जाते समय बिल्ली को एक मोटा चूहा दिखाई दिया। उस चूहे की विशेषता यह थी कि उसकी मूंछें काफी बड़ी थीं।
4. बिल्ली को देखकर चूहे की प्रारंभिक प्रतिक्रिया क्या थी? बिल्ली को अपने सामने देखकर चूहा घबरा गया। हालांकि, अपनी घबराहट को छिपाते हुए उसने शिष्टाचार दिखाया और बिल्ली को “मौसी जी नमस्ते” कहकर उसका हाल-चाल पूछा।
5. चूहे ने बिल्ली से बचने के लिए क्या बहाना बनाया? चूहे ने झूठ बोला कि उसे एक सौ चार डिग्री बुखार है और वह बहुत कमजोर हो गया है। उसने यह भी कहा कि वह सुबह से भूखा है और डॉक्टर के पास जा रहा है।
6. बिल्ली ने चूहे की “बीमारी” सुनकर उसे क्या प्रस्ताव दिया? बिल्ली ने चूहे से कहा कि उसे डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है। उसने प्रस्ताव दिया कि चूहा उसके पास आए और वह स्वयं उसका इलाज करेगी।
7. चूहे ने बिल्ली के इलाज वाले प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया? चूहा समझ गया था कि बिल्ली वास्तव में उसका इलाज नहीं करना चाहती, बल्कि उसे खाना चाहती है। उसने स्पष्ट कहा कि बिल्ली डॉक्टर नहीं है और वह केवल अपना पेट भरने की सोच रही है।
8. जब बिल्ली को लगा कि उसकी योजना विफल हो रही है, तो उसने क्या किया? बिल्ली ने महसूस किया कि चूहा उसके मन की बात समझ गया है। इससे पहले कि वह भाग पाता, बिल्ली ने अपनी पूंछ हिलाकर तेजी से चूहे की तरफ अपना पंजा बढ़ाया।
9. चूहा बिल्ली के हमले से कैसे सुरक्षित बचा? चूहा पहले से ही सतर्क था और हमले की आशंका देख रहा था। जैसे ही बिल्ली ने पंजा बढ़ाया, वह तेजी से दौड़कर अपने घर के भीतर सुरक्षित पहुंच गया।
10. कहानी के अंत में चूहे ने खुद से क्या कहा? चूहे ने स्वीकार किया कि उसे वास्तव में बुखार नहीं था, बल्कि वह केवल एक बहाना था। उसने सोचा कि बुखार तो ठीक हो सकता है, लेकिन इस बिल्ली से बचना अधिक चुनौतीपूर्ण है।
भाग 2: उत्तर कुंजी (Answer Key)
प्रश्न संख्या
मुख्य बिंदु
1
आंगन में सोच रही थी; रविवार सुनकर बाजार की ओर दौड़ी।
2
मोटी बिल्ली; अपनी पूंछ से अत्यधिक प्रेम; पूंछ हिलाना।
3
मोटा चूहा मिला; उसकी मूंछें बड़ी थीं।
4
घबरा गया; “नमस्ते” किया और मौसी कहकर संबोधित किया।
5
104 डिग्री बुखार का बहाना; कमजोरी और डॉक्टर से मिलने की बात।
6
डॉक्टर के पास जाने से मना किया; स्वयं इलाज करने का झांसा दिया।
7
बिल्ली की नीयत भांप ली; उसे पता था बिल्ली उसे खा जाएगी।
8
चूहे को पकड़ने की कोशिश की; पूंछ हिलाकर पंजा मारा।
9
सतर्कता के कारण सफल रहा; अपने घर की ओर तेज दौड़ लगाई।
10
बुखार केवल एक बहाना था; बिल्ली से जान बचाना प्राथमिकता थी।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button