लगभग 500 साल प्राचीन मंदिर के सामने से कई बार गुजरा, पर कभी यह नहीं सोचा था कि यहां देखने और समझने को इतना कुछ होगा। अब तो उस समृद्धशाली…
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यह कॉलम जिंदगी के हर उस आयाम को छूने की कोशिश है, जिनसे आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और वैचारिक रूप से भी समृद्धता हासिल होती है। इसमें ग्रामीण भारत, खासकर उत्तराखंड के विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले गांवों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है।
ऋषिकेश शहर से हरिद्वार जाते समय करीब नौ किमी. की दूरी पर श्यामपुर ग्राम सभा है। श्यामपुर ग्राम सभा उन्नतशील किसान सूरजमणि सिलस्वाल रहते हैं। करीब दो बीघा भूमि पर बनाए गए तालाब…
Read More »देहरादून के राजपुर से शुरू होता है शिखरफॉल जाने का रास्ता। शिखरफॉल वो जगह है, जो देहरादून के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, पर देहरादून जिला प्रशासन ने इस पर ध्यान…
Read More »पड़ोस में रहने वाले परिवार, जो पहले से ही आर्थिक दुश्वारियां झेल रहे हैं, इन चार बच्चों के लिए राशन की व्यवस्था कर रहे हैं, पर यह मदद कितने दिन…
Read More »युवाओं के एक दल ने भोगपुर के पास चांदपत्थर के संरक्षण की पहल करते हुए स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया। युवाओं का कहना है कि चांद पत्थर को ऐतिहासिक धरोहर…
Read More »डोईवाला में कविता आर्गेनिक्स की संस्थापक युवा उद्यमी कविता पाल ने वर्मी कम्पोस्ट बनाने की छोटी सी पहल की, उनको भी अनुमान नहीं था कि यह पहल तीन माह में ही विस्तार…
Read More »ऋषिकेश और डोईवाला से लगभग बराबर की दूरी पर बड़कोट ग्राम पंचायत। भीम पत्थर देहरादून जिला के गांव फलसुवा गांव की आबादी से करीब एक किमी. आगे है। हमें जानकारी मिली थी…
Read More »मैं वर्ष 2008 में यहां आया था, तब मुझे जानकारी मिली थी कि इस पत्थर के नीचे राजा का खजाना दबा है और अंग्रेज इस खजाने को निकालना चाहते थे।…
Read More »दुग्ध की गुणवत्ता तो तभी सही होगी, जब पशुपालन के लिए जरूरी सुविधाएं एवं संसाधन बिना किसी रूकावट के उपलब्ध होंगे। लॉकडाउन में पशुआहार की कालाबाजारी ने दाम अनियंत्रित और…
Read More »पशुपालन को प्रोत्साहन देने की बात करने वाला सिस्टम पशुपालकों की दिक्कतों से अंजान कैसे हो सकता है। दुग्ध उत्पादन महज रोजगार ही नहीं बल्कि मानव विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा…
Read More »राजेश पांडेय उत्तराखंड सरकार पशुपालन को प्रोत्साहित करने का दावा करती है, पर सरकार के ही उपक्रम के साथ जुड़कर व्यापार करने वाला दुग्ध उत्पादक परेशान क्यों है। वो क्यों…
Read More »खैरी गांव में रहती हैं 120 साल की दादी मां, जिनको सभी बग्गा दादी कहकर पुकारते हैं। ‘ खैरी गांव देहरादून जिले के डोईवाला ब्लाक में है। देहरादून से हरिद्वार…
Read More »जब आप किसी की तारीफ करते हैं तो यह बात सौ फीसदी सही है कि आपने उनके कामकाज और व्यवहार को बहुत नजदीक से देखा है। जिस शख्स के बारे…
Read More »वर्ष 2019 में लगभग डेढ़ साल पहले से पैर पसार रही कोरोना महामारी को देखते हुए उत्तराखंड में सरकारी इंतजाम उतने नहीं जुटाए जा सके, जितने की होने चाहिए थे।…
Read More »लगभग 28 साल से मुद्दों की पत्रकारिता को आगे बढ़ा रहे वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र अंथवाल जाना पहचाना नाम हैं। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के समय पत्रकारिता को जनता की आवाज…
Read More »देहरादून की ओर से ऋषिकेश जाते समय डांडी गांव से थोड़ा आगे बाई ओर नरेंद्रनगर बाइपास दिखता है। यहां से आप सीधा नरेंद्रनगर जा सकते हैं, वो भी ऋषिकेश जाए…
Read More »देहरादून शहर में बाइक चलाने में डर लगता है। एक भी सड़क ऐसी नहीं है, जहां आप सुकून से बिना थके हुए बाइक चला सको। कहीं सड़कों की हालत खराब…
Read More »बहुत बार खबरों की हेडिंग ही उनको पढ़ने के लिए विवश करती हैं। मैं अखबारों की हेडिंग की बात कर रहा हूं, न कि किसी पोर्टल की। अखबार की हेडिंग…
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