
वरिष्ठ पत्रकार के सेवाभाव से बच गई दुर्घटना में जख्मी घोड़े की जान
मुख्यमंत्री के समन्वयक हरीश कोठारी पशुओं और पक्षियों की सेवा में लगे रहते हैं
डोईवाला। न्यूज लाइव
वरिष्ठ पत्रकार एवं पशु पक्षी प्रेमी हरीश कोठारी के सेवाभाव एवं जीवों के प्रति संवेदनशीलता से कई जीवों की जान बची है। कुछ माह पहले पतंग के मांझे में फंसकर पेड़ से लटके कौए की जान बचाई, तो अब जख्मी हालत में मिले घोड़े की सेवा चिकित्सा करके उसको नया जीवन दिया। हरीश कोठारी मुख्यमंत्री के समन्वयक हैं।
करीब एक सप्ताह पहले डोईवाला में मुख्य मार्ग पर किसी वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से जख्मी हुए घोड़े की हालत में अब सुधार हो रहा है। घोड़े को गंभीर हालत में देखकर मुख्यमंत्री के समन्वयक वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी ने उसके इलाज और देखभाल, चारे पानी, ठंड से बचाने और आश्रय की व्यवस्था संभाली। हरीश कोठारी सड़कों पर घूमने वाले लावारिस कुत्तों और अन्य जानवरों की सेवा और आवश्यकता होने पर इलाज कराते रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मिस्सरवाला – डोईवाला मुख्य मार्ग पर लगभग एक सप्ताह पहले किसी वाहन की टक्कर से एक घोड़ा जख्मी हो गया था। उसके पिछले बाएं पैर में अंदरुनी चोट आ गई थी। घोड़ा सड़क पर ही जख्मी पड़ा था। हरीश कोठारी ने इस जख्मी घोड़े को अपने घर के आगे खाली स्थान पर आश्रय दिया। उन्होंने रोजाना सुबह शाम स्वयं उसके चारे की व्यवस्था की। ठंड से बचाने के लिए कंबल आदि की व्यवस्था की। डोईवाला पशु सचल वाहन को सूचना देकर पशु चिकित्सकों एवं स्टाफ से उसके इलाज की व्यवस्था कराई। उचित उपचार एवं आहार मिलने तथा सुरक्षित आश्रय मिलने से आखिरकार घोड़ा अपने पैरों पर खड़ा हो गया। अगर इस घोड़े का इलाज व उचित देखभाल नहीं होती तो घोड़ा ठंड से मर जाता। जीवों के प्रति इंसानों की संवेदनशीलता और ईश्वर कृपा से घोड़े को नया जीवन मिला।
जब इस संबंध में सीएम के समन्वयक हरीश कोठारी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि यह हर इंसान का कर्तव्य है कि पशुओं पक्षियों के प्रति संवेदनशील रहें। उनका कहना है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने पशुओं की चिकित्सा एवं सेवा पर भी व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित किया है। राज्य में पशु चिकित्सा सचल वाहन है,जिसके लिए आपको 1962 नंबर डायल करना है। यह सुविधा बहुत सराहनीय कार्य कर रही है। मैंने भी इस सुविधा का उपयोग किया। डोईवाला पशु चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा पांडे और पशु चिकित्सा सचल वाहन के डॉक्टर व स्टाफ ने सुबह शाम इंजेक्शन और दवा देकर घोड़े का इलाज किया। यह सब ईश्वर कृपा है कि अब यह घोड़ा अपने पैरों पर चल फिर रहा है।
मालूम हो कि इससे पहले भी हरीश कोठारी लावारिस कुत्तों और अन्य जानवरों की सेवा करते रहते हैं। आप अपने स्तर से दवाइयां एवं आहार खरीदकर पशुओं के प्रति मानवता कर्तव्य निभा रहे हैं। कई बीमार, घायल कुत्तों की चिकित्सा पशु चिकित्सकों से करा चुके हैं।
कुछ माह पहले पतंग के मांझे में फंसकर पेड़ पर लटके कौवे की जान बचाई। एक ट्रक को रोका और नगर पालिका डोईवाला के कर्मचारियों को बुलाकर किसी तरह मांझे में फंसे कौए को मुक्त कराया।













