e-Swasthya Dham Portal Uttarakhand: चारधाम यात्रा में ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल के जरिए होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

Rajesh Pandey

e-Swasthya Dham Portal Uttarakhand: देहरादून, 16 मार्च 2026ः  स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, चार धाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने इस बार विशेष प्रबंध किए हैं। इस बार तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य की ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।

e-Swasthya Dham Portal Uttarakhand: उन्होंने बताया, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 177 एम्बुलेंस का बेड़ा यात्रा रूट पर तैनात रहेगा, साथ ही हेली व वोट एम्बुलेंस भी यात्राकाल के दौरान मुस्तैद रहेंगी। इसके अलावा यात्रा मार्गो, मुख्य पड़ावों और चारों धामों की स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में अनुभवी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाॅफ भी तैनात रहेगा।

डाॅ. रावत ने बताया कि यात्रा काल के दौरान कुल 177 एम्बुलेंस तैनात की जाएगी, जिसमें 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के साथ ही कार्डियक एम्बुलेंस सेवा शामिल है।

e-Swasthya Dham Portal Uttarakhand: टिहरी में एक वोट एम्बुलेंस तथा एक हेली एम्बुलेंस भी सक्रिय रहेगी, जिसका संचालन एम्स ऋषिकेश के माध्यम से किया जाएगा।

डाॅ. रावत ने कहा कि यात्रा मार्गों पर एम्बुलेंस का न्यूनतम रिस्पांस टाइम रहेगा।

यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट तथा 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। इन केन्द्रों पर श्रद्धालुओं को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जाएगी और उन्हें उचित उपचार भी दिया जाएगा।

विशेषज्ञ चिकित्सकों, फार्मासिस्टों व पैरामेडिकल स्टाफ की रोटेशन के आधार पर तैनाती की जाएगी, जिनमें 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल अफसर व 85 पैरामेडिकल स्टाफ 15-15 दिन के रोस्टर के आधार तैनात किए जाएंगे। इनके अलावा 100 स्वास्थ्य मित्रों की भी यात्रा मार्गों पर तैनाती की जाएगी।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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