राजेश पांडेय। न्यूज लाइव महिला डॉक्टर को उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव के घर जाकर उनकी पत्नी का चेकअप करने के निर्देश और फिर उनके साथ अभद्रता का मामला सुर्खियों में…
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यह कॉलम जिंदगी के हर उस आयाम को छूने की कोशिश है, जिनसे आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और वैचारिक रूप से भी समृद्धता हासिल होती है। इसमें ग्रामीण भारत, खासकर उत्तराखंड के विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले गांवों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है।
“अधिकतर वन गुर्जर दूध खरीदने वालों के कर्ज से दबे रहते हैं। वो कर्ज इसलिए लेते हैं, क्योंकि उनको पशुओं के लिए पुआल और आहार की जरूरत होती है, जिसके…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव टिहरी गढ़वाल जिला का नागणी इलाका चंबा ब्लाक का हिस्सा है। इस क्षेत्र का नाम नागणी क्यों पड़ा, इस पर एक किस्सा सुनाया जाता है। इस…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव कुनाऊं के एक मैदान में गोल आकार में खड़े दर्शकों की तालियों से 65 साल के युसूफ लोदा बहुत उत्साहित हैं। वजन तोलने वाले बाट की…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव हिमाचल प्रदेश में गद्दी समुदाय भेड़ की ऊन से कंबल बनाता है, जिसे स्थानीय बोली में गरडू कहा जाता है। गरडू बनाने के लिए ऊन कातने…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव देहरादून जिला में क्लेमनटाउन और मारखमग्रांट नाम के दो प्रमुख इलाके हैं। वर्तमान में डोईवाला नगर पालिका, पहले मारखमग्रांट ग्राम पंचायत का ही हिस्सा थी, इसकी…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव आप सब मुझे पहचानते हो, क्योंकि मैं हूं ही इतना पॉपुलर। कौन सा घर होगा, जहां मैं नहीं हूं। कौन सा व्यक्ति है, जिसे मेरी जरूरत…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव उत्तराखंड में यह पहला मौका है, जब जनता ने 20 साल से चले आ रहे ट्रेंड को तोड़ा है। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद 2002 में…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव ”बारहनाजा का मतलब है 12 तरह के अनाज। यह मिश्रित खेती का सिद्धांत है, जिसमें केवल अनाज ही नहीं, बल्कि दलहन, तिलहन, शाक भाजी, रेशे वाले…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी, जिनको हम बीजों के गांधी भी कहते हैं, की प्रेरणा हैं कमला देवी। सादगी पसंद सरल स्वभाव की कमला…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी को बीजों का गांधी उपनाम से पुकारना अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि उन्होंने किसानों में पारंपरिक बीजों के प्रति चेतना…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव ”शुरुआत में जब हमने बीजों को बचाने और प्राकृतिक खेती की बात कही, तो कहा जाता था कि हमारा विचार सभी को 18वीं शताब्दी की ओर…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में छोटी व बिखरी जोत होने के कारण कृषि चुनौतीपूर्ण है। 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी की आजीविका कृषि तथा इसके सहवर्गीय क्रियाकलापों,…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव “मशरूम की खेती लाभ का स्वरोजगार है। लगभग तीन महीने में लगभग चार बार उपज लेकर लागत से दोगुना कमा सकते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात…
Read More »जितेंद्र अंथवाल पुराने देहरा की धरोहर ‘एलेक्जेंडर’। एलेक्जेंडर हमारी और हमसे थोड़ा बाद वाली पीढ़ी के बीच भी एक जाना पहचाना नाम हैं। 1990 के दशक की शुरुआत तक विवाह…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव उत्तराखंड में खासकर, पर्वतीय जिलों में पशुपालन और कृषि आजीविका के प्रमुख स्रोत हैं, इन्हीं से जुड़ा एक शब्द है- घस्यारी। इस शब्द पर आपत्ति भी…
Read More »राजेश पांडेय। न्यूज लाइव “मुझे 17 साल हो गए, इस मंदिर में सेवाकार्यों को करते हुए। पहले मैं हर दिन यहां आता था, पर अब समय कम मिलने की वजह…
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