
Uttarakhand Government School Infrastructure 2026: सभी प्राइमरी स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय, 141 स्कूलों को 5.34 करोड़ आवंटित
राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में 1640 बालक एवं बालिका शौचालय निष्क्रिय, मार्च तक निष्क्रिय टाॅयलेट चालू कराने के निर्देश
Uttarakhand Government School Infrastructure 2026: देहरादून, 10 मार्च 2026: उत्तराखंड के प्राथमिक विद्यालयों में बालिका शौचालय बनाए जाएंगे। प्रदेश में शौचालय विहीन रह गए 141 प्राथमिक विद्यालयों में सुरक्षित टाॅयलेट के लिए राज्य सरकार ने 5.34 करोड़ की धनराशि आवंटित कर दी है।
Uttarakhand Government School Infrastructure 2026: विभागीय अधिकारियों को इन विद्यालयों में मार्च माह तक शत-प्रतिशत बालिका शौचालय के निर्माण का लक्ष्य दिया गया है, साथ ही जिन विद्यालयों में शौचालय निष्क्रिय पड़े हैं उन्हें शीघ्र चालू करने को कहा गया है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में यह जानकारी दी।
बालिका शौचालय निर्माण के लिए बजट आवंटन (जनपदवार)
| क्रम संख्या | जनपद का नाम | शौचालयों की संख्या (लक्ष्य) | आवंटित धनराशि (₹ लाख में) |
| 1 | टिहरी | 53 | 200.87 (2.0087 करोड़) |
| 2 | नैनीताल | 25 | 94.75 |
| 3 | देहरादून | 16 | 60.64 |
| 4 | उत्तरकाशी | 10 | 37.90 |
| 5 | रुद्रप्रयाग | 7 | 26.53 |
| 6 | बागेश्वर | 7 | 26.53 |
| 7 | पिथौरागढ़ | 6 | 22.74 |
| 8 | ऊधमसिंह नगर | 6 | 22.74 |
| 9 | चम्पावत | 5 | 18.95 |
| 10 | अल्मोड़ा | 4 | 15.16 |
| 11 | पौड़ी | 2 | 7.58 |
| योग | 11 जनपद | 141 विद्यालय | 534.39 (5.34 करोड़) |
Uttarakhand Government School Infrastructure 2026: डॉ. रावत ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मार्च माह के भीतर शौचालय निर्माण कार्य पूरा किया जाए और इसकी प्रगति रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) इसकी जिम्मेदारी के लिए उत्तरदायी होंगे।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि यू-डायस के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में 1640 बालक एवं बालिका शौचालय वर्तमान में निष्क्रिय पड़े हैं। इनमें 1560 प्राथमिक विद्यालयों में और 80 माध्यमिक विद्यालयों में हैं। उन्होंने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी निष्क्रिय शौचालयों को आगामी 31 मार्च तक चालू कर छात्र-छात्राओं के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।












