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श्रीनगर बेस चिकित्सालय में कैंसर की जांच के लिए हर दिन पहुंचते हैं दो से पांच मरीज

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में Palliative Care Unit जल्द शुरू होगी

श्रीनगर। मनमोहन सिंधवाल

बेस चिकित्सालय के कैंसर विभाग में वर्ष 2009 से मरीजों के हित में जांच से लेकर देखभाल की विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों की जांच के बाद अभी तक 15 साल में 815 से अधिक मरीजों में कैंसर की पुष्टि हो चुकी है। इनमें अधिकतर मरीजों को बेस चिकित्सालय के कैंसर विभाग में आयुष्मान के तहत निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है, जबकि मरीजों का इलाज कीमोथेरैपी, सर्जरी व रेडिएशन थेरैपी के माध्यम से उनकी स्थिति के अनुसार होता है। ओपीडी में हर दिन 02 से लेकर 05 मरीज पहुंचते हैं, जिनकी कैंसर संबंधी जांच नि:शुल्क होती है।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर कैंसर मरीजो के लिए पैलिएटिव केयर यूनिट (Palliative Care Unit) की शुरुआत जल्द की जाएगी। इस यूनिट का संचालन एनेसथीसिया विभाग व रेडियोथेरैपी की देखरेख में होगा। एनेस्थीसिया विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित, जो कि पहले एम्स ऋषिकेश से Palliative Care में फैकल्टी रहे हैं, की देखरेख में इस यूनिट का संचालन होगा।

प्रशामक देखभाल इकाई (PCU-Palliative Care Unit) एक विशेष स्वास्थ्य सेवा सुविधा या विभाग है, जो गंभीर बीमारियों वाले व्यक्तियों को व्यापक देखभाल प्रदान करता है। यह देखभाल पीड़ा को कम करने, जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने और रोगियों और उनके परिवारों के सहयोग करने पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें इनपेशेंट और आउटपेशेंट देखभाल (Inpatient and outpatient care), परामर्श सेवाएं, पुनर्वास चिकित्सा, पोषण सहायता तथा परामर्श और मनोचिकित्सा आदि शामिल हैं।

अस्पताल के कैंसर विभाग की एचओडी डॉ. इंदिरा यादव ने बताया कि कैंसर रोगियों के इलाज के लिए विभाग हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। आयुष्मान के जरिए नि:शुल्क दवा और इलाज किया जा रहा है। ट

श्रीनगर बेस चिकित्सालय मे कैंसर मरीजों के लिए सर्जरी और कीमोथेरैपी की सुविधा उपलब्ध है। अगर, रेडिएशन थेरैपी की आवश्यकता पड़ती है, तो मरीजों को एम्स ऋषिकेश भेजा जाता है और फॉलोअप बेस चिकित्सालय मे होता है।

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य डॉ. सीएमएम रावत ने बताया, श्रीनगर बेस चिकित्सालय में महीने में दो दिन मेडिकल/ सर्जिकल कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सक सुविधा भी अक्टूबर माह से निःशुल्क प्रदान की जाएगी । किसी भी तरह की असुविधा पर बेस चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक से सम्पर्क कर सकते है।

Rajesh Pandey

उत्तराखंड के देहरादून जिला अंतर्गत डोईवाला नगर पालिका का रहने वाला हूं। 1996 से पत्रकारिता का छात्र हूं। हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश आज भी जारी है। लगभग 20 साल हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर मानव भारती संस्था में सेवाएं शुरू कीं, जहां बच्चों के बीच काम करने का अवसर मिला। संस्था के सचिव डॉ. हिमांशु शेखर जी ने पर्यावरण तथा अपने आसपास होने वाली घटनाओं को सरल भाषा में कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। बच्चों सहित हर आयु वर्ग के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। स्कूलों एवं संस्थाओं के माध्यम से बच्चों के बीच जाकर उनको कहानियां सुनाने का सिलसिला आज भी जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। रुद्रप्रयाग के खड़पतियाखाल स्थित मानव भारती संस्था की पहल सामुदायिक रेडियो ‘रेडियो केदार’ के लिए काम करने के दौरान पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। सामुदायिक जुड़ाव के लिए गांवों में जाकर लोगों से संवाद करना, विभिन्न मुद्दों पर उनको जागरूक करना, कुछ अपनी कहना और बहुत सारी बातें उनकी सुनना अच्छा लगता है। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम के स्वच्छता का संदेश देने की पहल की। छह माह ढालवाला, जिला टिहरी गढ़वाल स्थित रेडियो ऋषिकेश में सेवाएं प्रदान कीं। जब भी समय मिलता है, अपने मित्र मोहित उनियाल व गजेंद्र रमोला के साथ पहाड़ के गांवों की यात्राएं करता हूं। ‘डुगडुगी’ नाम से एक पहल के जरिये, हम पहाड़ के विपरीत परिस्थितियों वाले गांवों की, खासकर महिलाओं के अथक परिश्रम की कहानियां सुनाना चाहते हैं। वर्तमान में, गांवों की आर्थिकी में खेतीबाड़ी और पशुपालन के योगदान को समझना चाहते हैं। बदलते मौसम और जंगली जीवों के हमलों से सूनी पड़ी खेती, संसाधनों के अभाव में खाली होते गांवों की पीड़ा को सामने लाने चाहते हैं। मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए ‘डुगडुगी’ नाम से प्रतिदिन डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे। यह स्कूल फिलहाल संचालित नहीं हो रहा है। इसे फिर से शुरू करेंगे, ऐसी उम्मीद है। बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी वर्तमान में मानव भारती संस्था, देहरादून में सेवारत संपर्क कर सकते हैं: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला जिला- देहरादून, उत्तराखंड-248140 राजेश पांडेय Email: rajeshpandeydw@gmail.com Phone: +91 9760097344

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