FeaturedShort story- Moral Values

बीमार ऊंट और रिश्तेदार

एक ऊंट था, जो बीमार पड़ गया। वह अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से दूर नखलिस्तान में रहता था। नखलिस्तान मतलब रेगिस्तान का ऐसा हिस्सा, जहां पानी और हरियाली हो। सूचना मिलन पर दोस्त और रिश्तेदार उससे मिलने के लिए नखलिस्तान पहुंचे। वो बहुत सारे थे और दूर से उसका हाल जानने के लिए आ रहे थे।

लंबी दूरी तय करने की वजह से वो थक गए थे और भूख प्यास भी लग रही थी। उन्होंने नखलिस्तान में उगी हरी घास खाकर अपनी भूख मिटाई। ऊंट को यह जानकार बड़ी खुशी हुई कि उससे मिलने के लिए बहुत सारे दोस्त और रिश्तेदार पहुंचे हैं। सभी उससे मिलकर चले गए।

ऊंट का स्वास्थ्य पहले से कुछ बेहतर हुआ तो वह भोजन के लिए आसपास गया। उसने देखा कि वहां की हरी घास तो पहले से ही कोई चर चुका है। उसे समझते देर नहीं लगी कि उसका हाल जानने आए उसके शुभचिंतकों ने ही घास का मैदान खाली कर दिया। उसे बड़ा दुख हुआ, लेकिन वह कर भी क्या सकता था। उसने बची खुची घास खाकर अपनी भूख मिटाई। उसको दूसरे नखलिस्तान का इंतजार करना पड़ा।

 

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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