सरस्वती विहार में विपिन बिहारी महाराज ने की श्रीरामकथा की अमृतवर्षा

Rajesh Pandey

देहरादून। 07 अप्रैल, 2025

श्री धाम काशी बनारस से पधारे संत विपिन बिहारी महाराज ने सरस्वती विहार अजबपुर, देहरादून में राम नवमी पर भगवान श्री राम कथा की अमृत वर्षा की। उन्होंने कहा, युवाओं का श्री रामचरित मानस, श्री रामायण व श्रीभगवद् गीता से जुड़ाव होना जरूरी है।

सरस्वती विहार निवासी पंडित शिव प्रसाद सेमवाल द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा में युवा आचार्य संत विपिन बिहारी महाराज ने  श्री रामचरित मानस पर आधारित भगवान श्रीराम के साथ, माता सीता, भरत जी, लक्ष्मण व शत्रुघ्न तथा सेवाभावी महाबली वीर हनुमान जी, केवट, शबरी आदि के चरित्रों का विस्तृत वर्णन किया। विभिन्न प्रसंगों का सुंदर वर्णन करके वातावरण को भक्तिमय कर दिया। श्रीराम कथा का रसपान करके श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

आचार्य संत विपिन बिहारी महाराज ने कहा, ईश्वर की भक्ति ही मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने ईश्वर को जानने का नहीं, मानने का विषय बताते हुए कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति से ईश्वर प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

उन्होंने कहा, बाबा तुलसीदास द्वारा रचित श्री रामचरित मानस समाज को सद्मार्ग पर ले जाने का माध्यम है। भगवान राम का जीवन हमें जहां विषम परिस्थितियों मे संयम, नियम एवं मर्यादा मे रहकर विपत्तियों का सामना करने की प्रेरणा देता है, वहीं माता सीता, भरत जी लक्षमण जी एवं हनुमान जी का जीवन चरित्र पावनता, त्याग, सेवाभाव एवं भक्ति की प्रेरणा प्रदान करता है।

उन्होंने सामाजिक जीवन में सदाचार और परिवार में अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कहा, संस्कारशील परिवार ही भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाता है। इसके लिए, उन्होंने श्री रामचरित मानस, श्री रामायण व श्रीभगवद् गीता से युवाओं का जुड़ाव होना भी जरूरी बताया।

इस आयोजन में देवीप्रसाद सेमवाल, आकांक्षा सेमवाल, दीपक सेमवाल, टीकाराम सेमवाल के साथ ही राजेंद्र प्रसाद डिमरी आदि ने प्रमुख रूप से सहयोग प्रदान किया।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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