
State Women Commission Uttarakhand Public Hearing: महिला प्रधानाचार्य के उत्पीड़न की शिकायत पर जांच कमेटी बनाने और बीईओ के ट्रांसफर के निर्देश
राष्ट्रीय महिला आयोग का अभियान 'महिला आयोग आपके द्वार', पौड़ी में जनसुनवाई,
State Women Commission Uttarakhand Public Hearing:पौड़ी गढ़वाल, 10 मार्च, 2026ः राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के दूसरे दिन मंगलवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई।
State Women Commission Uttarakhand Public Hearing: इस विशेष सत्र के दौरान 18 गंभीर प्रकरणों पर विस्तार से सुनवाई की गई, जिनमें से 13 लिखित प्रार्थनापत्र व पांच टेलीफोनिक शिकायतों को सुना गया। कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को आगामी कार्रवाई के लिए आयोग में समन के माध्यम से सूचीबद्ध किया गया और कुछ मामलों को त्वरित प्रशासनिक समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
State Women Commission Uttarakhand Public Hearing: आयोग के अनुसार,जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की एक महिला प्रधानाचार्य ने खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन बाधित करने की शिकायत की। महिला आयोग की अध्यक्ष ने शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी स्तर पर जांच कमेटी गठित करने और आरोपी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए।
इसी क्रम में, यमकेश्वर क्षेत्र से फोटो वायरल करने की शिकायत और पुलिस की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी को दोषियों के विरुद्ध अविलंब मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए।
वहीं, सीएचसी पाबौ में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा शराब पीकर सहकर्मी से अभद्र व्यवहार करने और सोशल मीडिया पर बदतमीजी करने की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल स्पष्टीकरण लेने तथा स्थानांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
53 वर्षीय महिला का ई-श्रम कार्ड नहीं बनने की समस्या का मौके पर ही समाधान कराते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल 2025 से अब तक 540 पंजीकृत मामलों में से 460 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों में आईसीसी कमेटी का नियमित गठन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि महिलाएं कार्यस्थल और घर की दोहरी जिम्मेदारी निभाती हैं, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनसुनवाई के अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विवेक उपाध्याय, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पौड़ी जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रंजीत नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, विधि अधिकारी महिला आयोग दयाराम सिंह, कमल किशोर रावत, सुषमा रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार, महिला आयोग के अध्यक्ष के निजी सचिव आधार वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता, सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।






