By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: मोहित उनियाल ने डोईवाला के गांवों में जाकर क्यों कहा, हम शर्मिंदा हैं…
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Election > मोहित उनियाल ने डोईवाला के गांवों में जाकर क्यों कहा, हम शर्मिंदा हैं…
ElectionFeaturedPoliticsUttarakhand

मोहित उनियाल ने डोईवाला के गांवों में जाकर क्यों कहा, हम शर्मिंदा हैं…

Rajesh Pandey
Last updated: February 2, 2022 11:10 am
Rajesh Pandey
4 years ago
Share
SHARE

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में डोईवाला सीट पर दो बड़ी सियासी घटनाएं हुईं। पहली पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिकटों के बंटवारे से पहले ही चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। त्रिवेंद्र यहां से तीसरी बार के विधायक हैं। दूसरी सियासी घटना कांग्रेस में हुई, जिसमें मोहित उनियाल को दो दिन का प्रत्याशी बनाकर बाद में उनको टिकट काट दिया गया।

इस सीट पर त्रिवेंद्र अपने सियासी साथी बृजभूषण गैरोला को चुनाव लड़ा रहे हैं और कांग्रेस ने गौरव चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। इस बार डोईवाला में कांग्रेस और भाजपा ने नये चेहरों को मैदान में उतारा है। भाजपा में जितेंद्र नेगी ने टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर दी और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

  • Video- उत्तराखंड चुनावः प्रत्याशी घोषित करके भी टिकट नहीं दिया, तो इस युवा नेता ने पेश की यह मिसाल
  • वहीं, कांग्रेस में मोहित उनियाल ने कोई बगावत नहीं की और न ही विरोध किया। मोहित राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के उत्तराखंड प्रदेश संयोजक हैं और एनएसयूआई व युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से किसी भी तरह के विरोध से दूर रहने को कहा है। उनका कहना है, संगठन सर्वोपरि है, इसलिए संगठन के लिए काम करें।

  • हम शर्मिंदा हैंः इसलिए बच्चों के साथ बैग लेकर स्कूल तक आठ किमी. पैदल चले
  • चुनाव से पहले से ही मोहित एक अभियान चला रहे हैं, जिसकी टैग लाइन है- हम शर्मिंदा हैं। उनका कहना है, डोईवाला नगर पालिका और देहरादून राजधानी क्षेत्र से सटे पर्वतीय गांवों की ओर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया।

    टिकट कटने के दूसरे दिन ही वो बड़कोट गांव पहुंचे, जहां बिजली और सड़क नहीं हैं। कच्चे व एक तरफ पहाड़, दूसरी तरफ खाई वाले रास्ते पर बाइक भी नहीं चल सकती। पलायन की पीड़ा झेल रहे इस गांव में केवल एक परिवार रहता है। एक बिटिया को घर से स्कूल जाने के लिए 16 किमी. पैदल चलना पड़ता है। उसके साथ मां को भी उसकी शिक्षा के लिए रोजाना 16 किमी. पैदल चलना पड़ रहा है।

  • मां तुझे सलामः बेटी को पढ़ाने के लिए रोजाना 16 किमी. पैदल चलती हैं पार्वती
  • वो कहते हैं, इन गांवों की स्थिति को देखते हुए सवाल उठता है, सरकार कहां हैं। नाहीकलां मोटर मार्ग की मांग वर्षों से हो रही है। यहां के विधायक चार साल मुख्यमंत्री रहे। विकास के हालात आप देख सकते हैं। बिजली, पानी, सड़क और रोजगार वर्षों से मुद्दे बने हैं। इन पहाड़ों पर विकास दिखना चाहिए था, वो नहीं हो रहा। सनगांव में कई परिवार सुविधाएं नहीं होने पर मजबूरी में पलायन कर गए। स्वास्थ्य सेवाएं यहां से बहुत दूर हैं। किसी भी पार्टी की सरकार आए, उन्हें सोचना चाहिए। हम यहां पानी के लिए संघर्ष देखते हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सात किमी. चलकर पानी की लाइन ठीक कराते हैं। व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं।

  • मिसालः गांव में सब्जियां उगाने के लिए महिला प्रधान ने निजी ऋण लेकर बनवाई टंकी
  • वो कहते हैं, पर्वतीय क्षेत्रों का विकास नहीं हुआ। मैं राजनीतिक दल से संबद्ध हूं, इसलिए मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं इन गांवों के बारे में सोचूं। इनकी दिक्कतों को दूर करने के प्रयास करूं। हम सभी, चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो, अपने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं कर पाए। बच्चे शिक्षा के लिए कई किमी. पैदल चलने को मजबूर हैं। ये हालात देखकर तो हम यही कहेंगे कि हमें शर्मिंदा होना चाहिए, क्योंकि हम राज्य बनने के 22 साल में भी इन गांवों का विकास नहीं कर पाए।

    You Might Also Like

    पर्वतीय क्षेत्रों में भी औद्योगिकीकरण पर जोर दिया मुख्यमंत्री
    राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान ने इन पाठ्यक्रमों में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई
    पंडित अतुल कंडवाल का लेखः अर्पण, तर्पण, समर्पण का पर्व है पितृपक्ष
    AIIMS Rishikesh में एक अप्रैल से कटे होंठ और तालू की निःशुल्क सर्जरी
    उत्तराखंड में बढ़ रहे ब्लैडर कैंसर के मामले
    TAGGED:Mohit UniyalMountain villageNahin KalanSun GaonUttarakhand Chunav 2022Uttarakhand Election 2022
    Share This Article
    Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
    ByRajesh Pandey
    Follow:
    newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
    Previous Article डोईवाला सीटः क्या पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बचा पाएंगे अपना गढ़
    Next Article उत्तराखंड चुनाव : जनता के मुद्दों पर नहीं हो रही बात
    Leave a Comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

    Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

    Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
    Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
    9760097344
    © 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?