- मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने योजना का किया शुभारम्भ
- विनिर्माण में 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में दस लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर मिलेगा ऋण
- मार्जिन मनी, अनुदान के रूप में होगी समायोजित
- लाभार्थियों का चयन अधिक आवेदन प्राप्त होने पर प्रोजेक्ट वायबिलिटी को देखते हुए ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा
- राज्य के उद्यमशील एवं प्रवासी उत्तराखंडवासियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना मुख्य उद्देश्य
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए ताकि युवा इस योजना का लाभ उठा सकें। जन प्रतिनिधियों एवं जिलास्तरीय अधिकारियों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इस योजना के तहत लाभार्थियों को लोन लेने में कोई समस्या न हो इसके लिए जिलाधिकारी,बैंकर्स से समन्वय करें।
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, रिवर्स पलायन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, राज्य के उद्यमशील युवाओं और कोविड-19 के कारण उत्तराखंड वापस लौटे लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इससे कुशल और अकुशल दस्तकार, हस्तशिल्पी और बेरोजगार युवा खुद के व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित होंगे। राष्ट्रीयकृत बैंकों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार के रिवर्स पलायन के लिए किए जा रहे प्रयासों में योजना महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
मार्जिन मनी होगी अनुदान के रूप में समायोजित
मार्जिन मनी होगी अनुदान के रूप में समायोजित



