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NEWSLIVE24x7 > Blog > Analysis > Uttarakhand Election: हरक सिंह के फैसलों को लेकर क्यों बनती हैं अटकलों वाली खबरें
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Uttarakhand Election: हरक सिंह के फैसलों को लेकर क्यों बनती हैं अटकलों वाली खबरें

Rajesh Pandey
Last updated: December 25, 2021 11:48 am
Rajesh Pandey
4 years ago
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देहरादून। उत्तराखंड के सत्ता संग्राम में हरीश रावत के ट्वीट के बाद शुक्रवार रात एक और खबर बड़ी तेजी से सुर्खियां बनी, वो थी हरक सिंह रावत के इस्तीफें की खबर। पर, मीडिया में इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई कि हरक सिंह के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे की खबर सही है या नहीं। इसके बाद एक और खबर सामने आई, वह यह कि रायपुर सीट से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काउ ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। पर इसकी भी पुष्टि नहीं हो पाई।
सवाल उठता है कि उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर हरक सिंह रावत को लेकर समय-समय पर, खासकर चुनावी दौर में अटकलों वाली खबरें क्यों बनती हैं। देर रात तक मीडिया हरक सिंह के इस्तीफे को लेकर श्योर नहीं था। सुबह तक फिर से उनको लेकर खबरें चलने लगीं कि उनको सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मना लिया है।  सुबह एक न्यूज चैनल की वेबसाइट पर इस हेडिंग के साथ खबर चलती है, BJP ने हरक सिंह रावत को मनाया, सीएम पुष्कर सिंह धामी से बातचीत के बाद दूर हुई नाराजगी। आगे लिखा है, हरक सिंह रावत की मेडिकल कॉलेज को लेकर थी नाराज़गी, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने देर रात आश्वासन दिया तब जाकर रूठे हरक सिंह रावत की नाराज़गी दूर हुई।

Contents
देहरादून। उत्तराखंड के सत्ता संग्राम में हरीश रावत के ट्वीट के बाद शुक्रवार रात एक और खबर बड़ी तेजी से सुर्खियां बनी, वो थी हरक सिंह रावत के इस्तीफें की खबर। पर, मीडिया में इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई कि हरक सिंह के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे की खबर सही है या नहीं। इसके बाद एक और खबर सामने आई, वह यह कि रायपुर सीट से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काउ ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। पर इसकी भी पुष्टि नहीं हो पाई।सवाल उठता है कि उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर हरक सिंह रावत को लेकर समय-समय पर, खासकर चुनावी दौर में अटकलों वाली खबरें क्यों बनती हैं। देर रात तक मीडिया हरक सिंह के इस्तीफे को लेकर श्योर नहीं था। सुबह तक फिर से उनको लेकर खबरें चलने लगीं कि उनको सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मना लिया है।  सुबह एक न्यूज चैनल की वेबसाइट पर इस हेडिंग के साथ खबर चलती है, BJP ने हरक सिंह रावत को मनाया, सीएम पुष्कर सिंह धामी से बातचीत के बाद दूर हुई नाराजगी। आगे लिखा है, हरक सिंह रावत की मेडिकल कॉलेज को लेकर थी नाराज़गी, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने देर रात आश्वासन दिया तब जाकर रूठे हरक सिंह रावत की नाराज़गी दूर हुई।एक और न्यूज चैनल पर इस हेडिंग – हरक सिंह ने फिर जताई नाराजगी, कहा- मेडिकल कॉलेज का हल निकलने तक नहीं मानूंगा, के साथ खबर चल रही है।इस खबर में लिखा है, उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) को लेकर सियासी उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपनी नाराजगी दूर होने की खबर का खंडन कर दिया है। हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्हें बेहद ज्यादा दुख है कि उनकी जनता को लेकर की गई मांग को इतने लंबे समय बाद भी पूरा नहीं किया गया। उधर कैबिनेट की बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए 5 करोड़ की रकम की व्यवस्था करने पर उनकी नाराजगी और भी ज्यादा बढ़ गई है।इस बीच एक अखबार की वेबसाइट पर प्रसारित खबर का हेडिंग है- BJP को झटका देने की तैयारी में हरक सिंह रावत, आज दे सकते हैं मंत्री पद से इस्तीफा। आगे लिखा है, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत आज मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने कल इस्तीफे की मौखिक घोषणा कर कैबिनेट की बैठक को बीच में ही छोड़ दिया था। सरकारी प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरक ने कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के लिए बजट जारी नहीं होने पर नाराजगी जताई थी।एक और अखबार की वेबसाइट पर हेडिंग है- मेडिकल कॉलेज को लेकर थी मंत्री हरक की नाराजगी, जो अब दूर हो गई है – विधायक उमेश शर्मा काऊ।आगे लिखा है, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत त्यागपत्र का धमाका कर अंडर ग्राउंड हो गए। उनके कुछ समर्थक उनके इस्तीफे का दावा करते दिखे, लेकिन आधिकारिक रूप से किसी ने भी पुष्टि नहीं की। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के देहरादून दौरे से ठीक दो दिन पहले हरक के इस्तीफे की खबर ने दून से दिल्ली तक भाजपा में हड़कंप मचा दिया था। देर रात सियासी हलकों में चर्चा तैरी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. हरक सिंह रावत से फोन बात की।कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर मीडिया में अलग-अलग खबरें। इससे पहले जब यशपाल आर्य कांग्रेस में वापस लौटे थे, तब हरक सिंह रावत को लेकर भी चर्चाएं हो रही थीं। उनके और कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के एक ही विमान से दिल्ली जाने की खबर ने भी सियासी गलियारों में चर्चाएं बटोरी थी।यह खबर इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि यशपाल आर्य की घर वापसी का श्रेय प्रीतम सिंह को ही जा रहा था। वहीं हरीश रावत और हरक सिंह रावत के बीच जुबानी जंग भी खूब हो रही थी। हरीश रावत ने बागियों को लेकर एक बयान में कहा था कि, उनकी सरकार गिराने वाले महापापियों को माफी मांगने पर ही कांग्रेस में एंट्री मिलेगी। इसके बाद हरक सिंह रावत ने हरदा को निशाने पर ले लिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ उनकी जुबानी जंग भी मीडिया में सुर्खिया बनती रही।हरक सिंह रावत के पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत और फिर हरीश रावत से मोर्चा लेने की वजह डोईवाला विधानसभा क्षेत्र को बताया जा रहा था। इसकी वजह बताई जा रही थी कि हरक सिंह रावत डोईवाला सीट पर 2022 का चुनाव लड़ना चाहते हैं। पर, यहां पहले से ही सीटिंग विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत सक्रिय हैं। भाजपा में रहते हुए हरक सिंह के लिए सीट बदलना आसान टास्क नहीं होगा, क्योंकि भाजपा सत्ता में है और यहां हर सीट पर दावेदारों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं।उनका एक और बयान, उत्तराखंड में केवल काम और विकास के भरोसे जीत की गारंटी नहीं है, से उत्तराखंड सरकार को असहज होना पड़ गया था। उनका कहना था कि मैंने चालीस साल में जो समझा है, उसके आधार पर कह सकता हूं कि उत्तराखंड के लोगों का जो मिज़ाज है, यहां कितना भी काम कर लो, उससे चुनाव जीतने की गारंटी नहीं हो जाती।बाद में एक और खबर सुर्खियों में रही, वह है, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह औऱ कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत व भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ की मुलाकात। इसका पांच सेकेंड वीडियो भी जारी किया गया था।इन सभी राजनीतिक घटनाओं को हरक सिंह रावत की चुनाव से पहले भाजपा और प्रदेश सरकार पर प्रैशर पॉलिटिक्स के तौर पर देखा जा रहा है। इन घटनाक्रमों के बाद हरक सिंह रावत के मान मनोव्वल का दौर भी चला।अब एक बार फिर, उनके इस्तीफे की खबर का तेजी से फैलना और फिर उनकी ओर पुष्टि नहीं हो पाने को क्या माना जाना चाहिए। सुबह तक मीडिया में अलग-अलग सूचनाओं पर खबरें, क्या दर्शाता है। वजह साफ है कि हरक सिंह रावत चाहते हैं कि चुनाव से पहले उनके राजनीतिक फैसलों को लेकर अटकलों वाली खबरें तेजी से फैलें, जिससे सियासी घमासान जैसे हालात पैदा हो जाएं।
एक और न्यूज चैनल पर इस हेडिंग – हरक सिंह ने फिर जताई नाराजगी, कहा- मेडिकल कॉलेज का हल निकलने तक नहीं मानूंगा, के साथ खबर चल रही है।
इस खबर में लिखा है, उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) को लेकर सियासी उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपनी नाराजगी दूर होने की खबर का खंडन कर दिया है। हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्हें बेहद ज्यादा दुख है कि उनकी जनता को लेकर की गई मांग को इतने लंबे समय बाद भी पूरा नहीं किया गया। उधर कैबिनेट की बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए 5 करोड़ की रकम की व्यवस्था करने पर उनकी नाराजगी और भी ज्यादा बढ़ गई है।

इस बीच एक अखबार की वेबसाइट पर प्रसारित खबर का हेडिंग है- BJP को झटका देने की तैयारी में हरक सिंह रावत, आज दे सकते हैं मंत्री पद से इस्तीफा। आगे लिखा है, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत आज मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने कल इस्तीफे की मौखिक घोषणा कर कैबिनेट की बैठक को बीच में ही छोड़ दिया था। सरकारी प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरक ने कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के लिए बजट जारी नहीं होने पर नाराजगी जताई थी।

एक और अखबार की वेबसाइट पर हेडिंग है- मेडिकल कॉलेज को लेकर थी मंत्री हरक की नाराजगी, जो अब दूर हो गई है – विधायक उमेश शर्मा काऊ।
आगे लिखा है, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत त्यागपत्र का धमाका कर अंडर ग्राउंड हो गए। उनके कुछ समर्थक उनके इस्तीफे का दावा करते दिखे, लेकिन आधिकारिक रूप से किसी ने भी पुष्टि नहीं की। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के देहरादून दौरे से ठीक दो दिन पहले हरक के इस्तीफे की खबर ने दून से दिल्ली तक भाजपा में हड़कंप मचा दिया था। देर रात सियासी हलकों में चर्चा तैरी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. हरक सिंह रावत से फोन बात की।
कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर मीडिया में अलग-अलग खबरें। इससे पहले जब यशपाल आर्य कांग्रेस में वापस लौटे थे, तब हरक सिंह रावत को लेकर भी चर्चाएं हो रही थीं। उनके और कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के एक ही विमान से दिल्ली जाने की खबर ने भी सियासी गलियारों में चर्चाएं बटोरी थी।
  • अपडेटः …तो क्या हरक सिंह को लेकर मचा था कांग्रेस में घमासान
  • उत्तराखंड चुनाव 2022ः हरीश रावत के ट्वीट पर यह है मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया
यह खबर इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि यशपाल आर्य की घर वापसी का श्रेय प्रीतम सिंह को ही जा रहा था। वहीं हरीश रावत और हरक सिंह रावत के बीच जुबानी जंग भी खूब हो रही थी। हरीश रावत ने बागियों को लेकर एक बयान में कहा था कि, उनकी सरकार गिराने वाले महापापियों को माफी मांगने पर ही कांग्रेस में एंट्री मिलेगी। इसके बाद हरक सिंह रावत ने हरदा को निशाने पर ले लिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ उनकी जुबानी जंग भी मीडिया में सुर्खिया बनती रही।
हरक सिंह रावत के पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत और फिर हरीश रावत से मोर्चा लेने की वजह डोईवाला विधानसभा क्षेत्र को बताया जा रहा था। इसकी वजह बताई जा रही थी कि हरक सिंह रावत डोईवाला सीट पर 2022 का चुनाव लड़ना चाहते हैं। पर, यहां पहले से ही सीटिंग विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत सक्रिय हैं। भाजपा में रहते हुए हरक सिंह के लिए सीट बदलना आसान टास्क नहीं होगा, क्योंकि भाजपा सत्ता में है और यहां हर सीट पर दावेदारों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं।
उनका एक और बयान, उत्तराखंड में केवल काम और विकास के भरोसे जीत की गारंटी नहीं है, से उत्तराखंड सरकार को असहज होना पड़ गया था। उनका कहना था कि मैंने चालीस साल में जो समझा है, उसके आधार पर कह सकता हूं कि उत्तराखंड के लोगों का जो मिज़ाज है, यहां कितना भी काम कर लो, उससे चुनाव जीतने की गारंटी नहीं हो जाती।
बाद में एक और खबर सुर्खियों में रही, वह है, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह औऱ कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत व भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ की मुलाकात। इसका पांच सेकेंड वीडियो भी जारी किया गया था।
इन सभी राजनीतिक घटनाओं को हरक सिंह रावत की चुनाव से पहले भाजपा और प्रदेश सरकार पर प्रैशर पॉलिटिक्स के तौर पर देखा जा रहा है। इन घटनाक्रमों के बाद हरक सिंह रावत के मान मनोव्वल का दौर भी चला।
अब एक बार फिर, उनके इस्तीफे की खबर का तेजी से फैलना और फिर उनकी ओर पुष्टि नहीं हो पाने को क्या माना जाना चाहिए। सुबह तक मीडिया में अलग-अलग सूचनाओं पर खबरें, क्या दर्शाता है। वजह साफ है कि हरक सिंह रावत चाहते हैं कि चुनाव से पहले उनके राजनीतिक फैसलों को लेकर अटकलों वाली खबरें तेजी से फैलें, जिससे सियासी घमासान जैसे हालात पैदा हो जाएं।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

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