ElectionFeaturedPoliticsUttarakhand

हरीश रावत के ट्वीट पर कैप्टन अमरिंदर ने इस तरह दीं शुभकामनाएं…

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के ट्वीट से जहां पार्टी में अंतर्कलह सामने आ गई। वहीं इस पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, You reap what you sow! All the best for your future endeavours (if there are any) यानी जो बोओगे वही काटोगे! आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं (यदि कोई हों)।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के ट्वीट से पार्टी में अंतर्कलह सामने आ गई। सोशल मीडिया पर अंतर्कलह को साझा करने को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रेशर पॉलिटिक्स से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, हरीश रावत के ट्वीट से स्पष्ट हो रहा है कि उत्तराखंड कांग्रेस में सबकुछ उनके अनुसार नहीं चल रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत सोशल मीडिया पर खूब संवाद करते हैं। इन दिनों वो अपने मन की बात को खुलकर साझा कर रहे हैं। उनका एक ट्वीट उत्तराखंड की सियासी खबरों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। मीडिया में उसको लेकर तमाम खबरें आईं। इस ट्वीट को हरीश रावत की बगावत और आलाकमान से नाराजगी के तौर पर देखा गया।
सोशल मीडिया यूजर्स ने पूर्व सीएम हरीश रावत को अपनी पार्टी बनाने या किसी और पार्टी को ज्वाइन करने या फिर विश्राम यानी संन्यास लेने की सलाह तक दे दी।

newslive24x7

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button