
डीएम ने कहा, “रेफरल सेंटर बनाकर सरकारी चिकित्सालयों को मजाक न बनाएं, सभी मरीज नहीं झेल सकते निजी अस्पतालों का खर्चा”
देहरादून के डीएम सविन बंसल ने उप जिला चिकित्सालयों की प्रबंधन समिति की बैठक में कहीं ये बातें
चिकित्सालय में चिकित्सक एवं संसाधन हैं तो क्यों कम हो रही है सर्जरी, आईपीडी में क्यों नहीं बढ़ रहे मरीजः डीएम
चिकित्सालयों में अनुबन्धित पैथोलॉजी सेन्टरों के प्रतिनिधि 24×7 रहेंगे उपस्थित
विकासनगर चिकित्सालय के ऑक्सीजन प्लांट तथा प्रेमनगर चिकित्सालय में बच्चों के आईसीयू को संचालित करने के लिए मानव संसाधन बढ़ाने के लिए स्वीकृत
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में देर शाम जनपद के सभी उप जिला चिकित्सालयों की प्रबन्धन समिति की बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने चिकित्सालयों के सभी प्रस्ताव स्वीकृत करते हुए कहा कि चिकित्सालयों में सुविधा बढाएं, जनमानस के प्रति कमिटमेंट बढ़ाएं।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा, सरकारी चिकित्सालयों को रेफलर सेन्टर बनाकर मजाक न बनाएं। सभी लोग निजी चिकित्सालयों का खर्चा वहन नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, सरकारी चिकित्सालयों में सुविधाएं बढ़ाए जाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है, लगभग सभी चिकित्सालयों में पूर्ण स्टाफ भी है। चिकित्सकों एवं चिकित्सा स्टाफ के सहयोग से हम आदर्श व्यवस्था बना सकते हैं। यह सेवा के साथ ही एक पुनीत कार्य भी है।
जिलाधिकारी ने उप जिला चिकित्सालय विकासनगर के ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस तथा भवन मरम्मत के लिए धनराशि मौके पर ही स्वीकृत की।
वहीं प्रेमनगर चिकित्सालय के सभी प्रस्ताव स्वीकृत करने के साथ ही बच्चों के 20 बेड के आईसीयू को संचालित करने के लिए मैनपावर, विद्युत कनेक्शन व संसाधन बढ़ाने के लिए स्वीकृति प्रदान की।
मसूरी चिकित्सालय में रात्रि में गायनी चिकित्सक नहीं रहने की शिकायत पर डीएम ने एसीएमओ की अध्यक्षता में समिति बनाते हुए अप्रैल से अब तक किए गए संस्थागत प्रसव एवं रेफरल की सूची सहित समस्त बिन्दुओं पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए।
जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि चिकित्सालय में तैनात ईएनटी चिकित्सक की विकासनगर भी ड्यूटी लगाई गई है, जिससे चिकित्सक दो ही दिन मसूरी बैठते हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने ईएनटी चिकित्सक की तीन दिन मसूरी में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। इस पर समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी ने प्रेमनगर चिकित्सालय में आईपीडी कम होने पर कारण पूछा, आईपीडी बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी को सभी चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण करते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जब चिकित्सालय में समुचित चिकित्सा स्टाफ एवं संसाधन हैं तो चिकित्सालयों में सर्जरी कम क्यों हो रही हैं।
उन्होंने चिकित्सालयों से हर महीने की गई सर्जरी तथा प्रतिदिन सर्जरी का भी विवरण तलब किया।
उन्होंने निर्देशित किया चिकित्सालयों में सैम्पल कलेक्ट करने के लिए अनुबन्धित फर्मों का स्टाफ 24 घंटे मौजूद रहेगा, इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए।













