
Laparoscopic Three-Port Surgery: बेस अस्पताल श्रीनगर की बड़ी उपलब्धि, आधुनिक ‘थ्री-पोर्ट’ तकनीक से पित्त की थैली का सफल ऑपरेशन
Laparoscopic Three-Port Surgery: श्रीनगर, 16 मार्च, 2026ः बेस अस्पताल श्रीनगर ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यहाँ के सर्जनों ने लैप्रोस्कोपिक थ्री-पोर्ट विधि का उपयोग करते हुए एक 62 वर्षीय महिला की पित्त की थैली का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया है। इस आधुनिक तकनीक से न केवल सर्जरी सटीक हुई, बल्कि मरीज की रिकवरी भी काफी तेज देखी गई।
Laparoscopic Three-Port Surgery: सर्जरी विभाग के डॉ. धनंजय डोभाल और डॉ. विवेक कुमार की टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। डॉ. डोभाल ने तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया, सामान्यतः लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में चार छोटे छेद (पोर्ट) किए जाते हैं, लेकिन इस तकनीक में केवल तीन छोटे चीरे लगाए जाते हैं। चीरे कम होने के कारण मरीज को दर्द कम होता है और वह जल्द ही अपने सामान्य जीवन में लौट पाता है। इस विधि से ऑपरेशन के बाद संक्रमण का खतरा और अस्पताल में रुकने की अवधि काफी कम हो जाती है।
Laparoscopic Three-Port Surgery: अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बेस अस्पताल में इस आधुनिक तकनीक का प्रयोग पहली बार किया गया है। अब तक दो मरीजों की सफल सर्जरी की जा चुकी है और दोनों ही पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को महानगरों जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में अन्य जटिल सर्जरी के लिए भी ऐसी तकनीकों का विस्तार किया जाएगा।







