
चुनाव में सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग तत्परता से करें अफसरः मुख्य निर्वाचन अधिकारी
लोकसभा चुनाव में वोटर प्रतिशत बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया तंत्र की मजबूती पर जोर
अल्मोड़ा। आगामी लोकसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार एवं सोशल मीडिया तंत्र को मजबूत किए जाने के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जनपदों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि आगामी चुनाव में सोशल मीडिया का विशेष महत्व है। सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार का व्यापक साधन है, जिसमें मतदाता जागरूकता एवं स्वीप गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दृष्टिगत सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने समस्त जनपद के एसएसपी/ एसपी को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग का कार्य पुलिस विभाग भी तत्परता से करे।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नमामि बंसल ने सोशल मीडिया तंत्र को मजबूत किए जाने के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने सोशल मीडिया कैलेंडर के अनुसार स्वीप गतिविधियों को आगे बढ़ाने के संबंध में जानकारी भी दी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर पिछली बार मतदान प्रतिशत कम रहा है, वहां पर विशेष प्रयास किए जाएं, जिससे मतदान प्रतिशत को बढ़ाया जा सके।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जनपदों से बाहर रहते हैं, उन्हें मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए यह सुनिश्चित करें कि उनका मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव की अपेक्षा इस चुनाव में बढ़े।
उन्होंने कहा कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार तथा समयबद्धता के साथ सभी कार्यों को पूर्ण करें। सभी कार्मिकों के प्रशिक्षण, एआरओ का चयन के संबंध में पूर्ण तैयारी करना सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड विजय जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप सिंह शाह, जिलाधिकारी बागेश्वर अनुराधा पाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ लोकेश्वर सिंह समेत सभी चार जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।













