
Hindu Adhyayan Kendra Doon University: दून विश्वविद्यालय में बनेगा हिन्दू अध्ययन केन्द्र
बीएचयू के बाद दूसरा संस्थान जहाँ होगा वेद-पुराण का अध्ययन
Hindu Adhyayan Kendra Doon University: देहरादून, 1 अगस्त 2025: युवाओं को भारतीय ज्ञान परम्परा से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में शीघ्र ही ‘हिन्दू अध्ययन केन्द्र’ की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बाद देश का ऐसा दूसरा संस्थान होगा, जहाँ वेद, पुराण और भारतीय दर्शन का विधिवत अध्ययन कराया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सचिवालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप इस केंद्र की स्थापना के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने को कहा।
डॉ. रावत ने बताया कि यह केंद्र भारतीय आध्यात्मिक और दार्शनिक परम्पराओं के विश्लेषण, संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। यहाँ भारतीय दर्शन, इतिहास, साहित्य, समाजशास्त्र, कला और वास्तुकला जैसे विभिन्न विषयों पर शोध और प्रशिक्षण की बहुविषयक व्यवस्था होगी।
Hindu Adhyayan Kendra Doon University
पाठ्यक्रम का स्वरूप:
- स्नातक स्तर पर: चार वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिसमें छात्रों को तत्त्व विमर्श, धर्म एवं कर्म विमर्श, रामायण, महाभारत और नेतृत्व एवं संगठनात्मक व्यवहार जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।
- परास्नातक स्तर पर: हिन्दू दर्शन, समाज, साहित्य, धर्म और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि यह केंद्र आधुनिकता और परम्पराओं के बीच एक सेतु का काम करेगा। इसका उद्देश्य ऐसे जागरूक नागरिक और नेतृत्व तैयार करना है, जो नैतिक मूल्यों, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक चेतना से युक्त हों।
बैठक में मंत्री ने डॉ. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केन्द्र और एमएससी अर्बन डेवलपमेंट मैनेजमेंट कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालय को ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
इस बैठक में सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रणजीत सिन्हा, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।













