Vocational Education in Uttarakhand Schools: 544 नए विद्यालयों में संचालित होंगे व्यावसायिक पाठ्यक्रम

Rajesh Pandey
Vocational Education Uttarakhand: AI generated Image

Vocational Education in Uttarakhand Schools: देहरादून, 29 जनवरी 2026ः उत्तराखंड में ‘समग्र शिक्षा’ अभियान के तहत अब 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) का संचालन किया जाएगा। भारत सरकार ने इसके लिए स्वीकृति दी है। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पारंपरिक विषयों के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे व्यावहारिक और तकनीकी कौशल में दक्ष होकर भविष्य में रोजगार व स्वरोजगार के लिए सक्षम बन सकेंगे।

योजना की मुख्य विशेषताएं

  • 8 प्रमुख क्षेत्र: वर्तमान शैक्षणिक सत्र से छात्र-छात्राओं को एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, आईटी, प्लंबिंग, रिटेल तथा टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी जैसे 8 विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • पाठ्यक्रम में शामिल: इन सभी सेक्टर्स को उत्तराखंड बोर्ड और सीबीएसई के पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में शामिल किया गया है।

  • दक्षता प्रमाण पत्र: कक्षा 10 और 12 के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को ‘नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क’ (NSQF) के माध्यम से क्रमशः लेवल-3 और लेवल-4 के सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।

बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण

Vocational Education in Uttarakhand Schools: विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

  • प्रयोगशालाएं: इन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के सफल संचालन के लिए ‘पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान’ (PSSCIVE) के मानकों के अनुसार 548 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।

  • प्रशिक्षक: व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए निर्धारित योग्यता के अनुसार अनुभवी प्रशिक्षकों की तैनाती की जा रही है।

  • निविदा प्रक्रिया: पाठ्यक्रम संचालन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासनादेश जारी होते ही विभागीय स्तर पर निविदा (Tender) प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।

वर्तमान स्थिति और उपलब्धियां

Vocational Education in Uttarakhand Schools: प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है:

  • वर्तमान पहुंच: अभी प्रदेश के 531 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 50,903 छात्र-छात्राएं (27,561 छात्राएं और 23,342 छात्र) पंजीकृत हैं।

  • हब्स एंड स्पोक मॉडल: इसके अतिरिक्त 28 ‘हब्स एंड स्पोक’ विद्यालय भी संचालित हैं, जिनमें 973 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

  • नए सेक्टर्स: भारत सरकार ने अब एयरोस्पेस एंड एविएशन तथा फूड इंडस्ट्री सेक्टर के संचालन की भी अनुमति दे दी है, जिन्हें उत्तराखंड बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है।

  • सफल प्लेसमेंट: विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जॉब फेयर में कक्षा-12 के प्रथम बैच के 146 छात्रों को विभिन्न कंपनियों द्वारा जॉब ऑफर प्रदान किए गए हैं।

“राज्य सरकार की मंशा प्रदेश के नौनिहालों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल मुहैया कराना है ताकि युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर बन सके। व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार करते हुए अब 544 और विद्यालयों को जोड़ा जा रहा है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।” डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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