OpenAI Prism Research:वैज्ञानिकों के लिए OpenAI का बड़ा तोहफा: लॉन्च किया ‘Prism’ प्लेटफॉर्म, अब आसान होगी रिसर्च

Rajesh Pandey
ओपनएआई (OpenAI) ने 'Prism' नाम का एक खास डिजिटल वर्कस्पेस लॉन्च किया है, जो वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। AI Generated Image

OpenAI Prism Research: नई दिल्लीः एआई (AI) की दुनिया में धमाका करने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने अब विज्ञान और रिसर्च के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। कंपनी ने ‘Prism’ नाम का एक खास डिजिटल वर्कस्पेस लॉन्च किया है, जो वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। दुनिया के शक्तिशाली एआई मॉडल GPT-5.2 पर आधारित यह टूल रिसर्च पेपर लिखने से लेकर जटिल गणनाओं तक सब कुछ चुटकियों में कर सकता है।

OpenAI Prism Research: Prism को खास तौर पर LaTeX (लेटेक) सिस्टम पर तैयार किया गया है। यह वही सिस्टम है जिसका उपयोग वैज्ञानिक गणित के बेहद जटिल समीकरणों और फॉर्मूलों को लिखने के लिए करते हैं। अब तक वैज्ञानिकों को रिसर्च पेपर तैयार करने के लिए कई अलग-अलग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना पड़ता था, जैसे लिखने के लिए अलग एडिटर, फाइल पढ़ने के लिए PDF रीडर और जानकारी के लिए चैटबॉट्स।

OpenAI Prism Research: इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘स्केच-टू-मैथ’ फीचर है। वैज्ञानिक अब हाथ से बनाए गए रफ डायग्राम या गणित के मुश्किल समीकरणों को सिर्फ स्कैन करके उन्हें प्रोफेशनल और पब्लिश करने लायक डिजिटल फॉर्मेट में बदल सकते हैं। इसके अलावा, यह टूल इंटरनेट पर मौजूद लाखों पुराने रिसर्च पेपर्स में से सही जानकारी और संदर्भ (Citations) ढूंढने में भी मदद करता है।

ओपनएआई ने इसे उन सभी के लिए बिल्कुल मुफ्त रखा है जिनके पास चैटजीपीटी अकाउंट है। कंपनी का मानना है कि इस टूल की मदद से दुनिया भर के वैज्ञानिकों का कीमती समय बचेगा और रिसर्च की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। अब शोधकर्ताओं को अलग-अलग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के बजाय एक ही जगह पर रिसर्च, राइटिंग और डेटा एनालिसिस की सुविधा मिलेगी।

Prism का मुख्य उद्देश्य शोधकर्ताओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। GPT-5.2 की मदद से रिसर्च पेपर लिखना और सुधारना आसान होगा। पुराने रिसर्च पेपर्स का हवाला (Reference) ढूंढने के लिए अब घंटों मेहनत नहीं करनी होगी। हाथ से बनाए गए रफ स्केच को एआई पल भर में प्रोफेशनल ग्राफिक्स में बदल देगा।

सबसे अच्छी बात यह है कि ओपनएआई ने इस शक्तिशाली टूल को उन सभी के लिए मुफ्त रखा है जिनके पास चैटजीपीटी अकाउंट है। कंपनी का मानना है कि इस ‘ऑल-इन-वन’ प्लेटफॉर्म से वैज्ञानिकों का कीमती समय बचेगा, जिससे दुनिया में नई खोजों की रफ्तार काफी तेज हो जाएगी।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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