
Uttarakhand higher education campaign: उच्च शिक्षण संस्थान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ेंगे
5 जून से 31 जुलाई तक प्रदेशभर में चलेगा सघन पौधारोपण कार्यक्रम
Uttarakhand higher education campaign: देहरादून, 03 जून 2025: उत्तराखंड के सभी राजकीय उच्च शिक्षण संस्थान अब ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ेंगे। इस महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ 5 जून को होगा, जो 31 जुलाई तक प्रदेश के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में चलाया जाएगा।
इस अभियान के दौरान सभी शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ अपने संस्थान परिसर, घर या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपतियों और निदेशक उच्च शिक्षा को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
Uttarakhand higher education campaign: उद्देश्य और अन्य पहल
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मंगलवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में उच्च शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर यह सघन पौधारोपण अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अभियान की शुरुआत गत वर्ष 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की थी। डॉ. रावत ने कहा कि इसी अभियान से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने प्रदेशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसे चलाने का निर्णय लिया है।
विभागीय मंत्री ने यह भी बताया कि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय कार्यक्रम टीबी मुक्त भारत और नशा मुक्त अभियान से भी जोड़ा जाएगा। इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ छात्र-छात्राओं को नशे के बढ़ते चलन के खिलाफ जागरूक किया जाएगा और नशे से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कार्मिक स्वेच्छा से अपने-अपने क्षेत्रों के एक-एक टीबी मरीज को गोद लेंगे। टीबी मरीजों की सूची संबंधित शिक्षक एवं कार्मिक उस जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकेंगे।
डॉ. रावत ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से प्रवेशोत्सव और वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जाए। साथ ही, प्रत्येक तीन माह में अभिभावकों के साथ बैठक करना भी अनिवार्य होगा।
उन्होंने उच्च शिक्षा निदेशक को एक सप्ताह के भीतर प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने के लिए डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, विभागीय मंत्री ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को नए सत्र का शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।
समर्थ पोर्टल संचालन का जिम्मा विश्वविद्यालयों को
बैठक में डॉ. रावत ने सचिव उच्च शिक्षा को समर्थ पोर्टल का संचालन पूर्ण रूप से विश्वविद्यालयों को सौंपने के निर्देश दिए। इस पर विभागीय सचिव ने बताया कि इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके उपरांत प्रवेश और अन्य गतिविधियों का संपादन विश्वविद्यालय स्वतंत्र रूप से करेंगे।
शासन इसमें तभी हस्तक्षेप करेगा जब किसी प्रकार का विवाद या समस्या उत्पन्न होगी, ताकि प्रदेश के छात्र-छात्राओं को पोर्टल पर पंजीकरण करने में कोई समस्या न हो। शैक्षणिक कैलेंडर जारी होने के साथ ही समर्थ पोर्टल भी खोला जाएगा, जो प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने तक खुला रहेगा।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा रणजीत सिन्हा, कुलपति कुमाऊं विवि प्रो. डी.एस. रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि प्रो. एन.के. जोशी, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. के.के. पाण्डेय, संयुक्त सचिव विक्रम सिंह यादव, उप सचिव ब्योमकेश दुबे, अनु सचिव दीपक कुमार, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. ए.एस. उनियाल, कुलसचिव सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय डॉ. डी. एस. बिष्ट, डॉ. दीपक पाण्डेय, शैलेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।












