Radio Jockey Course for Visually Impaired: कंटेंट जुटाने, स्क्रिप्ट राइटिंग से लेकर वॉयसओवर, एडिटिंग और प्रसारण का जिम्मा संभालते हैं दृष्टि दिव्यांग युवा

Rajesh Pandey
  • रेडियो केदार के साथ रेडियो जॉकी दृष्टि दिव्यांग छात्रों ने साझा किया अपना हुनर
  • एनआईईपीवीडी परिसर में देशभर से आए छात्र हासिल कर रहे रेडियो जर्नलिज्म का ज्ञान

Radio Jockey Course for Visually Impaired: देहरादून, 13 जनवरी, 2026: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान ((एनआईईपीवीडी) देहरादून के रेडियो जॉकी कोर्स के प्रशिक्षणार्थियों ने मानवभारती सोसाइटी की पहल रेडियो केदार का भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने सामुदायिक रेडियो एवं वेब रेडियो के बारे में विस्तार से जानकारी ली और जनसंंचार के सशक्त माध्यम रेडियो में अपने हुनर और जानकारियों को साझा किया।

Radio Jockey Course for Visually Impaired: केंद्र सरकार के प्रमुख संस्थान एनआईईपीवीडी में दृष्टिदिव्यांग छात्रों के लिए रेडियो जॉकी कोर्स संचालित कर रहा है। उनको रेडियो जर्नलिज्म से जुड़ी विभिन्न विधाओं एवं स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान परिसर से भी सामुदायिक रेडियो का प्रसारण किया जाता है, जिसमें छात्र-छात्राएं योगदान करते हैं।

संस्थान के अधिकारियों प्रोग्राम प्रोड्यूसर चेतना गोला, साउंड रिकॉर्डिस्ट मुकुल सजवाण, मीडिया कोर्स कोऑर्डिनेटर तरु सिंघल के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने रेडियो केदार का शैक्षणिक भ्रमण किया।

Radio Jockey Course for Visually Impaired: छात्र-छात्राओं ने बताया, उन्होंने रेडियो एवं ऑडियो से जुड़े विभिन्न स्किल का प्रशिक्षण हासिल किया। वर्तमान में रेडियो के लिए समय समय पर मिलने वाले टॉपिक पर कन्टेंट तैयार करते हैं। कन्टेंट के लिए संबंधित अधिकृत स्रोतों का अध्ययन करते हैं। उस पर चर्चा करके स्क्रिप्ट तैयार करना, वॉयस ओवर करना, संबंधित सॉफ्टवेयर पर ऑडियो एडिट करना उनकी पढ़ाई और व्यावसायिक शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल हैं। वो विभिन्न विषयों पर पॉडकास्ट करते हैं। वॉयस ओवर के समय मॉड्युलेशन पर कैसे काम करते हैं और विषय की मांग के अनुरूप बैकग्राउंड म्यूजिक का चयन कैसे करते हैं, पर विस्तार से बात की।

छात्रों ने जाना, सामुदायिक रेडियो शुरू करने की प्रक्रिया क्या है। इसको कैसे प्रभावकारी बना सकते हैं। इसमें समुदायों और सरकार के बीच किस तरह समन्वय बनाया जाता है। वहीं, वेब रेडियो कैसे काम करता है। छात्र-छात्राओं ने अपने विजन और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। दल ने मानव भारती सोसाइटी के निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर से दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के बढ़ते अवसरों तथा रेडियो जर्नलिज्म में संभावनाओं और कौशल विकास पर बात की।

भ्रमण दल में सर्टिफाइड रेडियो जॉकी लक्ष्मी चौहान, मोहम्मद सादिक, प्रशिक्षणार्थी अभय पाठक, अमन कुमार, भावना चौधरी, गौरव सिंह रावत, पुष्पा तिर्की, तनिष्क चौरसिया, मोहम्मद तौसीब, रोशनी शामिल थे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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