Stray animal management Uttarakhand: सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से हटेंगे बेसहारा पशु, कांजी हाउस में रखे जाएंगे, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

Rajesh Pandey

Stray animal management Uttarakhand: देहरादून, 08 जनवरी, 2026: उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सरकार ने बेसहारा पशुओं और स्ट्रे डॉग्स के प्रबंधन को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बेसहारा गोवंश और स्ट्रे डॉग्स को हटाने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।

बड़े शहरों पर विशेष ध्यान और नोडल अधिकारियों की तैनाती

Stray animal management Uttarakhand: मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहरों में स्ट्रे डॉग्स के संबंध में न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

हाईवे और बस टर्मिनलों के लिए विशेष योजना

Stray animal management Uttarakhand: बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई:

  • राष्ट्रीय राजमार्ग: मुख्य सचिव ने राजमार्गों से लावारिस पशुओं को हटाने की समीक्षा की और निर्देश दिए कि क्रिटिकल स्थानों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।

  • कांजी हाउस: बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए नए कांजी हाउस तैयार करने और उनके संचालन की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

  • परिवहन विभाग: सचिव परिवहन को निर्देशित किया गया कि वे स्थानीय निकायों की मदद से सभी बस टर्मिनलों और रेलवे स्टेशनों के आसपास से बेसहारा पशुओं को हटाने की उचित व्यवस्था करें।

जागरूकता और नई SOP पर जोर

केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया जाएगा:

  • गोद लेने की अपील: मुख्य सचिव ने स्थानीय लोगों को इन बेसहारा पशुओं को गोद लेने के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाने की बात कही।

  •  पालतू जानवर रखने वालों के लिए नियम: पालतू जानवर रखने वालों के लिए एक विस्तृत SOP (Standard Operating Procedure) तैयार की जाएगी, जिसमें ‘क्या करें और क्या न करें’ की स्पष्ट जानकारी होगी, ताकि पालतू जानवरों के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था न हो।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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