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आयोग की इस परीक्षा के लिए पदों की संख्या बढ़ी, आवेदन और संशोधन की अंतिम तिथि 28 दिसंबर

हरिद्वार। उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 में 94 और पदों को शामिल करते हुए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कुल मिलाकर पदों की संख्या 224 से बढ़कर 318 हो गई है। अभ्यर्थी 28 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

विज्ञप्ति देखें- उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 आयोग की विज्ञप्ति

पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थी भी 28 दिसंबर से अपने आवेदनों में संशोधन कर सकेंगे।
आयोग की वेवसाइट पर नये आवेदन एवं पूर्व के आवेदन में संशोधन शुरू हो गए हैं। आवेदन या संशोधन करने के लिए क्लिक करें- आवेदन का लिंक
उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 के अन्तर्गत सीधी भर्ती से चयन के लिए दस अगस्त, 2021 को विभिन्न विभागों के रिक्त 224 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
पूर्व में जारी आयोग का विज्ञापन देखने के लिए क्लिक करें- पूर्व में 10 अगस्त 2021 को जारी विज्ञापन
इसके तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त, 2021 थी।
अब शासन ने इस विज्ञापन के क्रम में पूर्व में विज्ञापित पदों में परिवर्तन किया है। शासन ने कुछ अन्य विभागों
के नये अधियाचन के क्रम में रिक्त 94 पदों को सम्मिलित कर दिया है। इससे अब पदों की संख्या 224 से बढ़कर 318 हो गई। आयोग ने अतिरिक्त विज्ञापन/शुद्धि पत्र प्रकाशित किया है।

अतिरिक्त विज्ञापन/शुद्धि पत्र देखने के लिए क्लिक करें- 07 दिसंबर को जारी अतिरिक्त विज्ञापन/शुद्धि पत्र

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यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में जूनियर इंजीनियर्स के 776 पदों पर नौकरियां, आवेदन करें

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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