IIMC PhD Admissions 2026: आईआईएमसी में 60 साल में पहली बार पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत, प्रवेश प्रक्रिया शुरू

Rajesh Pandey

IIMC PhD Admissions 2026: नई दिल्ली, 02 जनवरी, 2026ः भारतीय जनसंचार संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) ने 1 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से अपने पीएच.डी. पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया, जो संस्थान की 60 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पीएच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु शोधार्थियों का चयन किया जाएगा।

IIMC PhD Admissions 2026: पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है और यह 30 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी।

यूजीसी-नेट योग्यता वाले उम्मीदवारों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।

यूजीसी-नेट के बिना आवेदन करने वाले अंशकालिक उम्मीदवारों को 15 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा देनी होगी।

IIMC PhD Admissions 2026: चयनित उम्मीदवारों की सूची 23 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी और साक्षात्कार 9 मार्च 2026 से शुरू होंगे। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी और कोर्सवर्क की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी।

कार्यक्रमतिथि
ऑनलाइन आवेदन शुरू1 जनवरी 2026
आवेदन की अंतिम तिथि30 जनवरी 2026
प्रवेश परीक्षा 15 फरवरी 2026
चयनित उम्मीदवारों की सूची23 फरवरी 2026
साक्षात्कार (Interview) शुरू9 मार्च 2026
प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि27 मार्च 2026
कोर्सवर्क की शुरुआत1 अप्रैल 2026

पीएच.डी. प्रवेश पोर्टल के शुभारंभ पर, आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने कहा कि इस पीएच.डी. पाठ्यक्रम का उद्देश्य उभरते हुए भारत के लिए अनुसंधान में वास्तविक योगदान देना है। डॉ. पालीवाल गौड़ ने ऐसी अनुसंधान परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो लीक से हटकर हों और व्यापक स्तर पर समाज तथा राष्ट्र के लिए सहायक सिद्ध हों।

आईआईएमसी में पीएच.डी. पाठ्यक्रम की शुरुआत के प्रतीक के रूप में, कुलपति ने नई दिल्ली परिसर में “ज्ञान वृक्ष” (नॉलेज ट्री) के रूप में ‘कोविदार’ का एक पौधा रोपा।

आईआईएमसी के पीएच.डी. पाठ्यक्रम की परिकल्पना एक मजबूत शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने, इंटरडिसिप्लिनरी स्कॉलरशिप को प्रोत्साहित करने और पत्रकारिता, संचार एवं संबद्ध क्षेत्रों में विकसित हो रहे ज्ञान के भंडार में योगदान देने के लिए की गई है।

इन क्षेत्रों में कर सकेंगे शोध

IIMC का यह कार्यक्रम मीडिया और संचार के विविध क्षेत्रों में शोध के अवसर प्रदान करता है:

  • पत्रकारिता एवं जनसंचार

  • डिजिटल मीडिया एवं फिल्म अध्ययन

  • स्ट्रेटेजिक और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन

  • डेवलपमेंट कम्युनिकेशन

  • विज्ञापन और जनसंपर्क (PR)

यह कार्यक्रम उन शोधार्थियों के लिए तैयार किया गया है जो मीडिया और संचार अध्ययन के उभरते क्षेत्रों में अन्वेषण और योगदान करना चाहते हैं। यह कार्यक्रम शोधार्थियों को पत्रकारिता, जनसंचार, डिजिटल मीडिया, स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन, मीडिया इंडस्ट्री मैनेजमेंट, फिल्म अध्ययन, पॉलिटिकल कम्युनिकेशन, डेवलपमेंट कम्युनिकेशन, विज्ञापन और जनसंपर्क जैसे विषयों में गहन अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है।

यह कार्यक्रम इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देता है और इसका उद्देश्य मीडिया अनुसंधान में नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है।- पीआईबी

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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