FeaturedUttarakhand

श्री बदरी-केदार धामों के आसपास के क्षेत्रों को विकसित करने की योजना बनाएंः मोदी

प्रधानमंत्री ने की श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धामों में पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ में चल रहे पुनर्निमाण कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय से इस बैठक में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले समय में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी, इसके लिए आस-पास के एरिया के डेवलपमेंट की दिशा में प्रयास करने होंगे। श्रद्धालुओं के ठहरने और मूलभूत सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए।  वासुकिताल, गरुड़ चट्टी, लिंचोली और उनके आसपास श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से क्या किया जा सकता है, इसका पूरा प्लान तैयार किया जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा, श्री बदरीनाथ के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए भी योजना बनाई जाए। माणा गांव एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों को रूरल टूरिज्म के लिए विकसित करने की दिशा में भी ध्यान दिया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवकों एवं डॉक्टरों से भी अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए। सरकारी व्यवस्थाओं के साथ जन सहयोग भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम में पुनर्निमाण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। दिसम्बर 2023 तक सभी कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु एवं सचिव संस्कृति, भारत सरकार गोविन्द मोहन ने श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी पर्यटन विभाग भाष्कर खुल्बे, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे और वर्चुअल माध्यम से भारत सरकार के संयुक्त सचिव रोहित यादव, उप सचिव मंगेश घिल्डियाल भी उपस्थित रहे।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button