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Fisheries potential in Uttarakhand: मत्स्य पालन उत्तराखंड में आजीविका और स्वरोजगार का नया उभरता केंद्रः डॉ. मुरुगानंदम

Rajesh Pandey
Last updated: December 27, 2025 9:36 pm
Rajesh Pandey
4 months ago
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Fisheries potential in Uttarakhand: देहरादून, 27 दिसंबर 2025: उत्तराखंड में मत्स्य पालन का क्षेत्र न केवल तेजी से बदल रहा है, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के लिए एक उच्च संभावनाओं वाला क्षेत्र बनकर उभरा है। यह विचार डॉ. एम. मुरुगानंदम (प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-IISWC) ने देहरादून में आयोजित ‘सहकारी व्यापार मेला’ के दौरान व्यक्त किए।

Contents
जल संसाधनों की प्रचुरता: उत्तराखंड के पास बड़ी बढ़तउत्पादन में उछाल: 7 हजार से 70 हजार टन का सफरइन क्षेत्रों में हैं निवेश और रोजगार के मौकेसंरक्षण और सतत विकास पर जोरसहकारी व्यापार मेला: एक मंच, अनेक अवसर

राज्य सरकार के जिला सहकारी विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में डॉ. मुरुगानंदम ने किसानों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को संबोधित करते हुए मत्स्य पालन की बारीकियों और आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला।

जल संसाधनों की प्रचुरता: उत्तराखंड के पास बड़ी बढ़त

Fisheries potential in Uttarakhand: डॉ. मुरुगानंदम ने बताया कि उत्तराखंड और भारत के पास नदियों, झरनों और वर्षा जल के रूप में प्रचुर जल संसाधन हैं।

  • वर्षा का आंकड़ा: भारत की औसत वार्षिक वर्षा (1,110 मिमी) वैश्विक औसत (1,100 मिमी) से अधिक है, जबकि देहरादून में यह आंकड़ा 1,650 मिमी तक पहुंच जाता है।

  • अवसर: यह प्रचुरता जल-आधारित उत्पादन प्रणालियों, विशेष रूप से मत्स्य पालन और जलीय कृषि के लिए व्यापक अवसर प्रदान करती है।

उत्पादन में उछाल: 7 हजार से 70 हजार टन का सफर

आंकड़ों को साझा करते हुए डॉ. मुरुगानंदम ने जानकारी दी कि:

  1. राष्ट्रीय स्तर: भारत में वर्तमान में लगभग 19.5 मिलियन टन मछली का वार्षिक उत्पादन हो रहा है।

  2. राज्य स्तर: उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य उत्पादन 7,000 टन से बढ़कर लगभग 70,000 टन तक पहुँच गया है।

  3. मुख्य कारक: इस जबरदस्त वृद्धि के पीछे ‘ट्राउट मछली’ के उत्पादन और नई सहयोगी प्रणालियों का बड़ा सहयोग है।

इन क्षेत्रों में हैं निवेश और रोजगार के मौके

Fisheries potential in Uttarakhand: डॉ. मुरुगानंदम के अनुसार, भले ही उत्पादन बढ़ा है, लेकिन मांग की तुलना में यह अभी भी कम है। उन्होंने निम्नलिखित क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाएं बताईं:

  • आधुनिक तकनीक: ट्राउट पालन और जैव-फ्लॉक (Bio-floc) प्रणाली।

यह भी पढ़ें– इस तकनीक से घर की छत पर मछलियां पालकर कमा सकते हैं लाखों

  • सप्लाई चेन: मत्स्य बीज उत्पादन, चारा निर्माण (Feed production), परिवहन और कटाई।

  • व्यापार: मूल्य संवर्धन (Value addition), मार्केटिंग और फाइनेंसिंग।

संरक्षण और सतत विकास पर जोर

व्यावसायिक लाभ के साथ-साथ डॉ. मुरुगानंदम ने पारिस्थितिकी तंत्र और जलीय जैव विविधता के संरक्षण पर भी बल दिया। उन्होंने महसीर (Tor putitora), स्नो ट्राउट और स्पाइनी ईल जैसी स्थानीय मछलियों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लगभग 40% तटीय आबादी भोजन और आजीविका के लिए नदियों पर निर्भर है, इसलिए जिम्मेदार मत्स्यन (Responsible Fishing) अत्यंत आवश्यक है।

सहकारी व्यापार मेला: एक मंच, अनेक अवसर

यह मेला ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025’ और उत्तराखंड राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन, डेयरी, मत्स्य विभाग और एपीडा (APEDA) के विशेषज्ञों ने भी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का समन्वय सहकारी विभाग की पंकज लता द्वारा किया गया, जिसमें राज्य भर की सहकारी समितियों और किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

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