
National Dengue Day 2025: ऋषिकेश, 22 मई 2025ः एम्स, ऋषिकेश में राष्ट्रीय डेंगू दिवस (National Dengue Day 2025) पर आयोजित कार्यक्रम में डेंगू बुखार के प्रति जनजागरूकता और रोकथाम के उपायों को बढ़ावा दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए प्रारंभिक लक्षणों को पहचानकर समय पर उपचार जरूरी है।
डेंगू के गंभीर लक्षण और रोकथाम
गंभीर लक्षण: लगातार पेट दर्द, उल्टी, मुंह/नाक से रक्तस्राव, बीपी कम होना।
रोकथाम के उपाय:
मच्छरों से बचाव: पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें।
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स्वच्छता: घर के अंदर-बाहर पानी जमा न होने दें।
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तत्काल उपचार: लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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एम्स विशेषज्ञों की सलाह: डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने का खतरा रहता है। गंभीर लक्षणों जैसे कि पेट में लगातार दर्द होना, लगातार उल्टी होना, मुंह, नाक से खून बहना, बीपी कम होना पर अस्पताल की इमरजेंसी में जाएँ।
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डेंगू: कारण और लक्षण
इस अवसर पर बताया गया कि डेंगू एक वायरल रोग है, जो एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों-जोड़ों में दर्द, उल्टी, कमजोरी, और रक्तस्राव शामिल हैं। समय पर निदान न होने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
डेंगू जनजागरुकता आधारित कार्यक्रम में आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. निधि कैले, सह आचार्या डॉ. पूनम अरोड़ा, सह आचार्य भारत भूषण भारद्वाज, रक्त आधान चिकित्सा के सह आचार्य डॉ. आशीष जैन एवं अन्य चिकित्सक और नर्सेस ने शिरकत की।
चिकित्सकों की भागीदारी
कार्यक्रम में डॉ. निधि कैले (आपातकालीन विभाग प्रमुख), सह आचार्य डॉ. पूनम अरोड़ा, डॉ. भारत भूषण भारद्वाज, डॉ. आशीष जैन (रक्त आधान चिकित्सा), और अन्य चिकित्सकों व नर्सों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन और अतिथि
अभिघात एवं आपातकालीन विभाग, रक्त और आधान चिकित्सा तथा सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह, संकायाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी, और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्याश्री बलीजा ने विशेष रूप से हिस्सा लिया।













