
Death of the Keyboard: दावोस, 2 फरवरी, 2026: सॉफ्टवेयर जगत की दिग्गज कंपनी SAP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्रिश्चियन क्लेन ने दावोस में आयोजित ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि “कीबोर्ड का अंत करीब है।” क्लेन का मानना है कि अगले दो से तीन साल के भीतर टाइपिंग की जगह ‘आवाज से चलने वाला AI’ (Voice-activated AI) ले लेगा।
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Death of the Keyboard: भविष्य में आपको कंप्यूटर पर डेटा भरने के लिए उंगलियों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। आप बोलकर अपना काम करा सकेंगे। क्लेन के अनुसार, कीबोर्ड 18वीं सदी की तकनीक (टाइप राइटर) पर आधारित है, जो आज के तेज बिजनेस दौर में काम की गति को धीमा कर देता है। अब नए AI सिस्टम (LLMs) सिर्फ शब्दों को नहीं, बल्कि आपके काम करने के पीछे के ‘इरादे’ को भी समझते हैं।
Death of the Keyboard: क्रिश्चियन क्लेन ने कहा, “भविष्य निश्चित रूप से ऐसा होगा जहाँ आपको सिस्टम में कुछ भी टाइप नहीं करना पड़ेगा। आप अपनी आवाज से जटिल सवाल पूछ सकेंगे और बड़े-बड़े काम चुटकियों में पूरे कर सकेंगे।”
वहीं, दफ्तरों के शोर-शराबे में आपकी आवाज सही से पहचानी जाए और आपकी जानकारी सुरक्षित रहे, इसके लिए नए और स्मार्ट हार्डवेयर की जरूरत होगी।
यह बदलाव सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए है। SAP के डेटा के मुताबिक, उनके AI असिस्टेंट ‘जूल’ (Joule) का उपयोग करने वाली कंपनियों की उत्पादकता 30% से 40% तक बढ़ गई है।
ग्राफिक डिजाइन और वीडियो एडिटिंग जैसे काम करने वालों के लिए यह एक वरदान जैसा है। अब आपके हाथ आपके डिजाइन और एडिटिंग पर रहेंगे, और आपकी आवाज ऑफिस के बाकी कागजी और प्रशासनिक काम निपटा देगी।













