5000 लोगों को रोजगार और जंगल की गुणवत्ता में सुधार

Rajesh Pandey
देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वन विभाग को निर्देश दिए कि लैंटेना/ कुरी जैसी प्रजाति को वन क्षेत्र से हटाते हुए स्थानीय प्रजाति के घास/ बांस तथा फलदार पौधों को मिशन मोड पर रोपा जाए। जंगलों की गुणवत्ता बढ़ाई जाए और वन्यजीवों की आवश्यकता के अनुसार वासस्थल विकसित किए जाएं।
प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) उत्तराखंड राजीव भरतरी ने इस संबंध में सभी डीएफ़ओ को निर्देश जारी किए हैं।
प्रमुख वन संरक्षक ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि  लैंटेना / कुरी के वन क्षेत्रों के हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैलाव से स्थानीय घास प्रजातियाँ प्रभावित हुई हैं।
इन क्षेत्रों से लैंटेना /कुरी प्रजाति हटाने संबंधित कार्य योजना तैयार कर घास नर्सरी बनाई जाए। इसके लिए कैम्पा परियोजना से 38 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि इन क्षेत्रों से लैंटेना प्रजाति को हटाकर उसकी जगह स्थानीय घास प्रजाति का रोपण किए जाने से लगभग 5000 हज़ार लोगों को रोज़गार प्रदान होने के साथ-साथ जंगल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

Keywords:- Employment in Forest, Lantana, Grass Nursery, Principal Chief Conservator of Forest, Uttarakhand Forest, CAMPA, कैम्पा परियोजना, उत्तराखंड वन विभाग

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देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वन विभाग को निर्देश दिए कि लैंटेना/ कुरी जैसी प्रजाति को वन क्षेत्र से हटाते हुए स्थानीय प्रजाति के घास/ बांस तथा फलदार पौधों को मिशन मोड पर रोपा जाए। जंगलों की गुणवत्ता बढ़ाई जाए और वन्यजीवों की आवश्यकता के अनुसार वासस्थल विकसित किए जाएं।प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) उत्तराखंड राजीव भरतरी ने इस संबंध में सभी डीएफ़ओ को निर्देश जारी किए हैं।प्रमुख वन संरक्षक ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि  लैंटेना / कुरी के वन क्षेत्रों के हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैलाव से स्थानीय घास प्रजातियाँ प्रभावित हुई हैं।इन क्षेत्रों से लैंटेना /कुरी प्रजाति हटाने संबंधित कार्य योजना तैयार कर घास नर्सरी बनाई जाए। इसके लिए कैम्पा परियोजना से 38 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि इन क्षेत्रों से लैंटेना प्रजाति को हटाकर उसकी जगह स्थानीय घास प्रजाति का रोपण किए जाने से लगभग 5000 हज़ार लोगों को रोज़गार प्रदान होने के साथ-साथ जंगल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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