
Biometric attendance in Uttarakhand health department: एक जनवरी से बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन
Biometric attendance in Uttarakhand health department: देहरादून, 18 दिसम्बर 2025: उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सालयों में आगामी 1 जनवरी 2026 से चिकित्सकों, पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ सहित समस्त कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। खास बात यह है कि अब कर्मचारियों का वेतन भी बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा।
Biometric attendance in Uttarakhand health department: गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री के शासकीय आवास पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े फैसले
Biometric attendance in Uttarakhand health department: अनुपस्थिति पर नकेल: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विभिन्न जिलों से स्टाफ की अनुपस्थिति की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक को तत्काल प्रभाव से इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारियों को फील्ड पर उतरने के निर्देश: अस्पतालों की जमीनी हकीकत जानने के लिए पूर्व में नामित नोडल अधिकारियों को आवंटित जनपदों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को सौंपने को कहा गया है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक कैडर: स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक अलग कैडर बनाने और ‘केन्द्रीकृत क्रय कार्पोरेशन’ के गठन पर भी चर्चा की गई।
पदों पर भर्तियांः स्वास्थ्य इकाइयों वार्ड ब्वाय, तकनीकी संवर्ग के पदों को भरने के निर्देश दिए गए।
भोजन और स्वच्छता की गुणवत्ता: स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुधारने, वार्डों में प्रतिदिन चादर बदलने और अस्पतालों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए।
कर्मचारी हित: एनएचएम (NHM) के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों को समय पर वेतन भुगतान और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 5 साल की सेवा के बाद जनपद परिवर्तन संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान कार्ड धारकों को मिले बेहतर उपचार: डॉ. रावत ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोल्डन कार्ड और आयुष्मान कार्ड धारकों को अस्पतालों में बिना किसी असुविधा के बेहतर उपचार मिलना सुनिश्चित किया जाए।
उपस्थिति: बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव रोहित मीणा, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।













