By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: Uttarakhand’s first modern disability rehabilitation center: दिव्यांगजनों के लिए देहरादून में खुला पहला आधुनिक पुनर्वास केंद्र
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > News > Uttarakhand’s first modern disability rehabilitation center: दिव्यांगजनों के लिए देहरादून में खुला पहला आधुनिक पुनर्वास केंद्र
NewsUncategorizedUttarakhand

Uttarakhand’s first modern disability rehabilitation center: दिव्यांगजनों के लिए देहरादून में खुला पहला आधुनिक पुनर्वास केंद्र

Rajesh Pandey
Last updated: September 3, 2025 5:25 pm
Rajesh Pandey
8 months ago
Share
SHARE

Uttarakhand’s first modern disability rehabilitation center: देहरादून, 3 सितम्बर, 2025ः देहरादून में दिव्यांगजनों को अब सभी ज़रूरी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। बुधवार को गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में उत्तराखंड का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC) खुल गया है।

इस केंद्र का उद्घाटन मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक खजानदास और पार्षद सुनीता मंजखोला, जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया।

ने किया। इस पहल को जिला प्रशासन और ख़ासकर डीएम सविन बंसल के प्रयासों का नतीजा बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और आत्म-निर्भर बनाना है।

Also Read: NIEPVD Students Win Medals: देहरादून के पैरा एथलीटों का ग्वालियर में शानदार प्रदर्शन, जीते कई पदक

Uttarakhand’s first modern disability rehabilitation center: प्रमुख सुविधाएं व सेवाएं

यह केंद्र दिव्यांगजनों के लिए एक “वन-स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में काम करेगा। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सेवाएँ इस प्रकार हैं:

  • प्रमाणन और पहचान: प्रमाण पत्र, आधार पंजीकरण और यूडीआईडी कार्ड बनवाने की सुविधा।
  • चिकित्सा और पुनर्वास: फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और इलाज।
  • सहायक उपकरण: कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल और श्रवण यंत्रों का वितरण।
  • कौशल विकास: रोज़गार और स्वरोज़गार के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
  • आवागमन: दिव्यांगजनों को केंद्र तक लाने-ले जाने के लिए एक विशेष वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
  • हेल्पलाइन नंबर: इस केंद्र के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 8077386815 भी जारी किया गया है।
  • दिव्यांग अनिल कुमार ढौंडियाल और नीरज बिष्ट को कान की मशीन प्रदान की।
  • विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में दिव्यांगजनों की आर्ट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग छात्रों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

Uttarakhand’s first modern disability rehabilitation center

समावेशी समाज की दिशा में एक कदम

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर सौरभ थपलियाल ने इस केंद्र को एक “मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि यह ‘सशक्त दिव्यांग, सशक्त समाज’ की अवधारणा को साकार करने में मदद करेगा। विधायक खजानदास ने इस पहल को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला बताया, जिससे दिव्यांगजनों को समाज में गरिमा मिलेगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि समाज की लगभग 20% आबादी किसी-न-किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है और उनकी मदद करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि यह केंद्र भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करेगा और इसका संचालन समाज कल्याण विभाग की निगरानी में मुनीशाभा सेवा सदन एवं पुनर्वास संस्थान द्वारा किया जाएगा।

यह केंद्र न सिर्फ़ सुविधाओं का एक केंद्र है, बल्कि यह दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें सम्मान देने और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

You Might Also Like

रक्षा मंत्री ने बीआरओ के बनाए उत्तराखंड में आठ सहित 44 पुल राष्ट्र को समर्पित किए
जैविक खेती उत्तराखंड की विशेषता है, इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिएः सीएम
कांग्रेस ने डोईवाला नगर पालिका चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से मांगे आवेदन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने गैरसैंण को घोषित किया ग्रीष्मकालीन राजधानी
Super seeds vs Indigenous seeds: आधुनिक कृषि की दुविधाः ‘सुपर सीड्स’ बनाम हमारे पारंपरिक स्वदेशी बीज
TAGGED:assistive devicesDDRCDehradundisability certificationDisability rehabilitation centerdisability servicesDivyangjanDM Savin Bansalinclusive societyjob training for disabledphysiotherapyUttarakhandUttarakhand government
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी: सीएम धामी ने शहीद आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित किया
Next Article India’s largest ropeway project: उत्तराखंड में 7000 करोड़ की लागत से बनेगी रोपवे परियोजना, समझौते पर हस्ताक्षर
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?