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Uttarkashi Cloudburst Relief and Rescue: उत्तरकाशी के धराली में आपदा क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों से भेजी जा रही राहत सामग्री, चिनूक से पहुंचा रहे भारी मशीनरी
मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को किया आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा
Uttarkashi Cloudburst Relief and Rescue: उत्तरकाशी, 06 अगस्त, 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बचाव और राहत अभियान में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज सुबह मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने बुधवार सुबह प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। सीएम ने कहा, राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।
राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने चंडीगढ़, सरसावा और आगरा से 02 चिनूक और 02 एमआई – 17 हेलीकॉप्टर, सुबह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उपलब्ध करा दिए। सड़क यातायात बहाल करने के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भी पहुंचाई जा रही हैं। बचाव अभियान में सेना के 125 अधिकारी और जवान, आईटीबीपी के 83 अधिकारी और जवान भी लगे हुए हैं। इधर, बीआरओ के 06 अधिकारी, 100 से अधिक मजदूरों के साथ बाधित सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आपदा में घायलों के उपचार के लिए दून मेडिकल कॉलेज, कोरोनेशन जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए हैं, साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया है। विशेष रूप से मनोचिकित्सक भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में भेजे गए हैं।
इस बीच मौके पर सेना, आईटीबीपी के साथ ही एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग की टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने इंटर कॉलेज हर्षिल, जीएमवीएन और झाला में राहत शिविर प्रारंभ किए हैं। क्षेत्र में बिजली और संचार नेटवर्क को बहाल किए जाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। एनआईएम और एसडीआरएफ लिम्चागाड़ में अस्थायी पुल निर्माण में भी जुट गए हैं।













