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सोशल मीडिया से बनाएं दूरी, क्योंकि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य है जरूरी

AIIMS Social Outreach cell के Nodel officer Dr. Santosh Kumar का छात्रों से संवाद

ऋषिकेश। न्यूज लाइव

AIIMS Rishikesh ने मुनिकीरेती स्थित ओमकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल (Omkaranand Saraswati Nilayam School) में युवा जोश यूथ वेलनेस कार्यक्रम (Yuva Josh Youth Wellness Program) में मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर संवाद किया गया।

मुख्य वक्ता एम्स, सोशल आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि आज का युवा सब कुछ कर सकता है, यह दौर युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें युवा सब कुछ सीख सकते हैं। युवा वर्ग अपने हुनर और कौशल के बूते वर्तमान में बड़े बड़े पदों को प्राप्त कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए बताया कि युवा वर्ग को इस तरह की उपलब्धियां हासिल करने के लिए अपनी शक्ति पहचाननी होगी।

डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि यदि युवा रचनात्मक सोच व संकल्प के साथ हररोज अपनी आदतों में बदलाव लाने की ठान लें तो काफी हद तक वो सफलता की बुलंदियों को छूने में कामयाब हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई और व्यायाम करने को लेकर युवाओं को प्रेरित किया, उनका मानना है कि समय रहते ही आदतों में बदलाव और सकारात्मक सोच से युवा जीवन में बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने युवाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही, सोशल मीडिया, फोन, इंटरनेट का कम से कम उपयोग करने को कहा,जिससे युवा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।

एम्स सोशल आउटरीच के नोडल ऑफिसर डॉ. संतोष के अनुसार मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने से बचना होगा। इससे बचने के लिए शांत मन से विचार करना होगा और अपनी कमजोरी, खामियों को स्वीकार कर उनको दूर करने का प्रयास करना होगा। लिहाजा अपने इमोशन के बारे के विचार करें तथा उनको वैल्यू दें। अपनी स्किल पर ध्यान देकर आप समाज व देश में अपनी अलग तरह की पहचान काम कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि खुश रहने के लिए छोटे छोटे कार्यों को करें तथा उनमें खुशियां ढूंढ़ें, साथ ही युवावर्ग को अपनी पसंदीदा पुस्तकों का नियमिततौर पर अध्ययन करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जीवन में थोड़े बहुत स्ट्रेस का होना भी जरूरी है, जो हम सभी में कुछ नया करने की जिज्ञासा को प्रेरित करता है। ऐसे में हमें अपनी ऊर्जा व वैल्यू की पहचान कर उसका सही दिशा में सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।

सत्र में करीब 120 से अधिक छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने डॉ. संतोष से पढ़ाई को लेकर मन में उठ रहे सवालों, चुनौतियों के बारे में जानना चाहा। साथ ही, डॉ. संतोष ने सभी बच्चों की जिज्ञासाओं को शांत किया और उनका मार्गदर्शन करते हुए किस तरह से युवा वर्ग जीवन में चुनौतियों से घबराए बिना उनका सामना कर सकता है, इसके टिप्स दिए और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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