By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: Autism Policies in India: भारत में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता और ठोस नीतियों की तत्काल आवश्यकता: अनीता शर्मा
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > education > Autism Policies in India: भारत में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता और ठोस नीतियों की तत्काल आवश्यकता: अनीता शर्मा
educationhealthNews

Autism Policies in India: भारत में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता और ठोस नीतियों की तत्काल आवश्यकता: अनीता शर्मा

Rajesh Pandey
Last updated: December 31, 2025 8:00 pm
Rajesh Pandey
4 months ago
Share
Autism expert Anita Sharma joins journalist S.M.A. Kazmi to discuss ASD challenges in India, early intervention gaps, and the need for inclusive government policies. Photo- Sarthak Pandey
SHARE

Autism Policies in India: देहरादून। अमेरिका से लौटीं ऑटिज़्म विशेषज्ञ अनीता शर्मा थपलियाल ने भारत में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से जूझ रहे बच्चों की स्थिति, सामाजिक चुनौतियों और सरकारी नीतियों के अभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

वरिष्ठ पत्रकार एस.एम.ए. काजमी के पॉडकास्ट ‘क्रॉस रोड्स कन्वर्सेशन’ में अनीता शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की परवरिश के दौरान खुद को ऑटिज़्म के प्रति शिक्षित किया। उनका मानना है कि एक माँ से बेहतर शिक्षक बच्चे के लिए कोई और नहीं हो सकता। उन्होंने पारंपरिक उपचारों के बजाय बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से खुद तकनीकें विकसित कीं। अनीता शर्मा, स्वयं दो ऑटिस्टिक बच्चों की माँ हैं और आपने अमेरिका के न्यू जर्सी में (ASD) से जूझ रहे बच्चों को मार्गदर्शन के लिए सेंटर का संचालन किया।

Autism Policies in India: पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि अमेरिका में ऑटिज़्म के प्रति सामाजिक स्वीकृति और बुनियादी ढांचा (जैसे रैम्प, एलिवेटर और फ्रेंडली थिएटर) बहुत मजबूत है। इसके विपरीत, भारत में आज भी ऑटिस्टिक बच्चों के लिए ये सुविधाएं कम ही दिखती हैं। स्कूलों में उचित प्रशिक्षण की कमी के कारण इन बच्चों को दाखिला मिलने में परेशानी होती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में ऑटिज़्म को लेकर राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘अर्ली इंटरवेंशन’ (शुरुआती पहचान और उपचार) के लिए अनिवार्य नीतियां होनी चाहिए ताकि समय रहते बच्चों की मदद की जा सके।

चर्चा में यह तथ्य सामने आया कि शहरों में ऑटिज़्म के मामले अधिक रिपोर्ट हो रहे हैं। इसका कारण बेहतर डायग्नोसिस के साथ-साथ पर्यावरण, प्रदूषण और जीवनशैली जैसे कारक भी हो सकते हैं।

अनीता शर्मा अब देहरादून में डॉ. निशांत नवानी के साथ मिलकर एक होलिस्टिक सेंटर शुरू करने जा रही हैं। इस केंद्र की खासियत यह होगी कि यहाँ केवल बच्चों का उपचार ही नहीं, बल्कि अभिभावकों की ‘मेंटरींग’ (मार्गदर्शन) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Autism Policies in India: अंत में, अनीता शर्मा ने ब्यूरोक्रेट्स और शिक्षा विभाग से अपील की कि वे इस क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञों और अभिभावकों के साथ मिलकर समावेशी नीतियां बनाएं ताकि ऑटिस्टिक बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

You Might Also Like

21 नवंबर वर्ल्ड टेलीविजन दिवसः बुद्धु बक्से का स्मार्ट होने तक का सफर
Naresh Singh Nayal: ब्लाइंड फुटबॉल कोच नरेश सिंह नयाल को मिली तीन अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में अहम जिम्मेदारी
उत्तराखंडः स्कूलों से ड्रॉप आउट बच्चों का डाटाबेस बनाने के निर्देश
केदारघाटी में फंसे सभी यात्रियों का रेस्क्यू आपरेशन पूरा, कल से उड़ान भरेंगे हेलीकॉप्टर
उत्तराखंड में दुर्गम स्कूलों के लिए एक हजार अतिथि शिक्षकों की भर्ती होगीः डॉ. धन सिंह रावत
TAGGED:Anita Sharma AttachAviASD Awareness UttarakhandAutism Spectrum Disorder IndiaAutism Support Dehradun.Early Intervention AutismInclusive Education PoliciesNeurodiversity IndiaS.M.A. Kazmi Interview
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article Uttarakhand Storytellers Book Launch Dehradun: देहरादून में साहित्य का महाकुंभ: उत्तराखंड के तीन प्रतिष्ठित कथाकारों की पुस्तकों का भव्य लोकार्पण
Next Article First Vande Bharat Sleeper Train: गुवाहाटी और हावड़ा के बीच चलेगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?