
IIM Kashipur leadership training: देहरादून, 13 जुलाई 2025ः उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अब भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में प्रबंधन और नेतृत्व का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल आईआईएम काशीपुर और उच्च शिक्षा विभाग के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत है, जिसके तहत प्रदेशभर के प्राचार्यों को बैच-वार प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस श्रृंखला में पहला ‘नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम’ आगामी 21 से 25 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के 40 प्राचार्य हिस्सा लेंगे।
IIM Kashipur leadership training: उद्देश्य और लाभ
उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित मालवीय मिशन शिक्षक कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) के अंतर्गत हो रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राचार्यों को नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच, प्रभावी निर्णय क्षमता, कुशल प्रबंधन, अंतर-कार्यात्मक समन्वय और शैक्षणिक अंतर्दृष्टि जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण देना है।
डॉ. रावत ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और एक सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के बाद, प्राचार्य अपने-अपने महाविद्यालयों के शैक्षणिक और प्रशासनिक विकास में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान कर सकेंगे।
उन्होंने प्राचार्यों को आईआईएम काशीपुर में आयोजित होने वाले ‘नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम’ (एनएलएफपी) में अपना पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि आईआईएम काशीपुर और उच्च शिक्षा विभाग के बीच हुए एमओयू के तहत समय-समय पर ‘नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम’ आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 40-40 प्राचार्यों के बैच प्रशिक्षण के लिए जाएंगे, ताकि सभी महाविद्यालयों को इस महत्वपूर्ण पहल का लाभ मिल सके।
इन महाविद्यालयों के प्राचार्य लेंगे कार्यक्रम में हिस्सा
आईआईएम काशीपुर में होने वाले इस नेतृत्व कार्यक्रम में प्रदेश के 40 महाविद्यालयों के प्राचार्य शामिल होंगे। इनमें राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग, मालधनचौड़, हल्द्वानी शहर, कांडा, चौखुटिया, भिकियासैंण, लमगड़ा, बलुवाकोट, देवीधुरा, बनबसा, पाटी, सितारगंज, किच्छा, जयहरीखाल, बिथ्याणी, नारायणबगड़, जखोली, गुप्तकाशी, ब्रह्मखाल, अगरोड़ा, नैनबाग, कमांद, चुड़ियाला, भूपतवाला के प्राचार्य शामिल हैं।
इनके अतिरिक्त, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़, स्याल्दे, मानिला, बेरीनाग, लोहाघाट, कोटद्वार, थलीसैण, जोशीमठ, गैरसैण, अगस्त्यमुनि, नई टिहरी, डाकपत्थर, डोईवाला के साथ ही राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी, जसपुर और राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी के प्राचार्य भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे।













