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उत्तराखंड चुनावः कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में डोईवाला, ऋषिकेश नहीं

कांग्रेस ने शनिवार देर रात जारी की 53 प्रत्याशियों की सूची

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने काफी इंतजार के बाद शनिवार देर रात अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। 53 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल श्रीनगर और यशपाल आर्य बाजपुर से चुनाव लड़ेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत किस सीट पर चुनाव लड़ेंगे, पहली सूची में नहीं दिया गया है। इतना स्पष्ट हो गया है कि रावत डीडीहाट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। वहीं हरक सिंह रावत के केदारनाथ सीट से चुनाव लड़ने की संभावना भी नहीं है। यहां मनोज रावत को टिकट मिला है। वहीं, कोटद्वार सीट पर सुरेंद्र सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है।

कांग्रेस की पहली लिस्ट में हाल ही में भाजपा से आए यशपाल आर्य औऱ उनके पुत्र संजीव आर्य को क्रमशः बाजपुर और नैनीताल से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, हल्द्वानी से सुमित हृदयेश कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस की 53 प्रत्याशियों की लिस्ट में सिर्फ तीन महिलाओं मसूरी से गोदावरी थापली, भगवानपुर से ममता राकेश और रुद्रपुर से मीना शर्मा को स्थान मिला है।

लैंसडौन, टिहरी, नरेंद्रनगर, ऋषिकेश, डोईवाला, देहरादून कैंट सहित 17 सीटों पर अभी प्रत्याशियों की घोषणा होना बाकी है।

हीरा सिंह बिष्ट रायपुर, प्रीतम सिंह चकराता, दिनेश अग्रवाल धर्मपुर, मंत्री प्रसाद नैथानी देवप्रयाग, नवप्रभात विकासनगर, आर्येन्द्र शर्मा सहसपुर, सतपाल ब्रह्मचारी हरिद्वार से प्रत्याशी घोषित किए गए हैं।

Rajesh Pandey

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे, जो इन दिनों नहीं चल रहा है। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन किया।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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