
Dug DugiFeaturedTK DHINA DHINTK DHINA DHIN...
डुग डुगी अक्तूबर 2020
डुगडुगी के पांचवें अंक में राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गल्जवाड़ी देहरादून में कक्षा 6 के छात्र केशव की कविताएं-
दो चूहे
दो चूहे थे मोटे मोटे
दौड़ रहे थे, भाग रहे थे
बिल्ली बोली म्याऊं म्याऊं
मैं आऊं, मैं आऊं
चूहे बोले,
ठहर जाओ
पहले हम छिप जाएं
स्वच्छता
एक दिन की बात
रीता के साथ जा रहा था
मोनू बाजार
लाता था आचार
रास्ते में एक आदमी खा रहा था केला
फेंक रहा था छिलका
मोनू ने आवाज देकर रोका
यहां मत फैलाओ गंदगी
स्वच्छता रखो अपना भारत
स्वच्छ अभियान शुरू करो
वह आदमी बोला माफ करना बेटा
कभी ना फैलाउंगा गंदगी
हमेशा कूड़ा कूड़ेदान में डालूंगा
आलू में कीटाणु
भालू खा रहा था आलू
आलू में था कीटाणु
ध्यान नहीं दिया भालू ने
आलू में था कीटाणु
खाने लगा फटाफट
खा लिया आलू के साथ कीटाणु भी
बाद में चला पता भालू को
जब पढ़ा वह बीमार
तब वह बोला क्या करूं मैं
यह है मेरी गलती
ध्यान रखना चाहिए था कि
आलू उगता है जमीन के अंदर
ना कि बाहर













