उत्तराखंड वापसी के लिए लगभग दो लाख प्रवासी करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन

Rajesh Pandey
  • उत्तराखंड सरकार ने रेलवे को किराये के एवज में एक करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान किया
  • सूरत से हरिद्वार स्पेशल ट्रेन मंगलवार देर रात तक पहुंचने की संभावना 

देहरादून। अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने के लिए 1,98,584 प्रवासियों ने पंजीकरण कराया है। 11 मई तक विभिन्न राज्यों से 51,394 लोग उत्तराखंड आ चुके हैं। सचिव शैलेश बगोली ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा से 13,799, उत्तर प्रदेश से 11,957, दिल्ली से 9,452, चंडीगढ़ से 7,163, राजस्थान से 2,981, पंजाब से 2,438, गुजरात से 1,060 और अन्य राज्यों से 1,032 प्रवासी उत्तराखंड पहुंचे हैं। 

सचिव बगोली ने बताया कि अन्य राज्यों को जाने के लिए 29,975 लोगों ने पंजीकरण कराया है, इनमें से 11 मई तक 9,970 लोग जा चुके हैं। उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से दूसरे जनपदों को आने और जाने वाले व्यक्तियों की संख्या 52,621 है।

उत्तराखंड सरकार ने रेलवे को किराया के एवज में एक करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान किया है। सूरत से काठगोदाम और पुणे से हरिद्वार ट्रेन आ चुकी हैं। सूरत से हरिद्वार स्पेशल रेल आज देर रात्रि तक पहुंचने की संभावना है। बैंगलुरू से हरिद्वार स्पेशल ट्रेन 1200 यात्रियों को लेकर 13 मई की देर रात्रि तक पहुंचेगी। गुजरात, तेलंगाना आदि राज्यों में फंसे हुए व्यक्तियों को रेल से लाने की प्रक्रिया गतिमान है। उत्तराखंड सरकार, रेलवे और संबंधित राज्य सरकारों के सम्पर्क में है।

मीडिया के एक सवाल पर बगोली ने बताया कि बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं, जो रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं, लेकिन बाद में आने के इच्छुक नहीं होते हैं। रजिस्ट्रेशन कराने वालों से पहले पूछा जाता है, उसी के अनुसार प्लान किया जाता है। चलने से पूर्व सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाती है। पहुंचने के बाद भी दोबारा स्क्रीनिंग की जाती है। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं।

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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