
Myra Care Foundation ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए 2700 पुस्तकों का ‘विजुअल-बेस्ड’ पाठ्यक्रम करेगा लॉन्च
Myra Care Foundation: देहरादून, 01 अप्रैल 2026: ‘विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस’ के अवसर पर शाइन एवी लर्निंग यूएसए से संचालित ‘मायरा केयर फाउंडेशन’ ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम से प्रभावित बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समावेशी शिक्षा की दिशा में शाइन एवी पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड एक विशेष विजुअल-बेस्ड पाठ्यक्रम लॉन्च करने जा रहा है, जिसमें 2700 से अधिक पुस्तकें शामिल हैं।
ऑटिज्म के लिए भारत का पहला समग्र शिक्षण केंद्र
Myra Care Foundation: इस अवसर पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में फाउंडेशन की ऑपरेशन्स हेड अनीता थपलियाल, प्रमोटर डॉ. निशांत नवानी और डॉ. जया नवानी ने बताया कि ‘मायरा केयर फाउंडेशन’ भविष्य में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों और उनके माता-पिता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
फाउंडेशन ने भारत में अपनी तरह का पहला ‘होलिस्टिक लर्निंग सेंटर’ स्थापित किया है। यह केंद्र ऑटिज्म के साथ-साथ अन्य न्यूरोलॉजिकल और विकासात्मक समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं प्रदान करेगा—जिसमें प्रारंभिक हस्तक्षेप (Early Intervention), व्यक्तिगत शिक्षा से लेकर सामाजिक और जीवन कौशल विकास तक शामिल है।
रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में बड़ा कदम
न्यू जर्सी (यूएसए) से आईं अनीता थपलियाल ने बताया कि यह पहल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के ‘रिवर्स माइग्रेशन’ (उत्तराखंड वापसी) के दूरदर्शी विजन का हिस्सा है। इसे उत्तराखंड सरकार के प्रवासी सेल (Pravasi Cell) का भी समर्थन प्राप्त है। यह प्रयास राज्य के भीतर समावेशी और टिकाऊ बुनियादी ढांचा खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अनीता थपलियाल के पास ऑटिज्म शिक्षा और वकालत के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है, जिसके आधार पर उन्होंने यह अनूठा ‘होलिस्टिक लर्निंग मॉडल’ विकसित किया है।
2700 पुस्तकों का ‘विजुअल-बेस्ड’ पाठ्यक्रम होगा लॉन्च
समावेशी शिक्षा की दिशा में शाइन एवी पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड (Shine Avi Publications Pvt. Ltd.) एक विशेष विजुअल-बेस्ड पाठ्यक्रम लॉन्च करने जा रहा है। इसमें 2,700 से अधिक पुस्तकें शामिल हैं, जो उन बच्चों के लिए तैयार की गई हैं जो पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से सीखने में असमर्थ हैं। शाइन एवी अपने अद्वितीय समाधानों और डिजाइनों के लिए अंतरराष्ट्रीय IPR (बौद्धिक संपदा अधिकार) भी फाइल कर रहा है।
अनीता थपलियाल ने इस दर्शन पर जोर दिया कि— “यदि बच्चा उस तरह से नहीं सीख सकता जैसे हम पढ़ाते हैं, तो हमें उस तरह से पढ़ाना चाहिए जिस तरह से बच्चा सीख सकता है।” इस पाठ्यक्रम को मुख्यधारा के स्कूलों में ‘रिसोर्स रूम’ के माध्यम से लागू किया जाएगा, ताकि सामान्य और विशेष शिक्षा के बीच की दूरी को कम किया जा सके।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के परिवारों को सशक्त बनाना है, ताकि उन्हें विशेष सेवाओं के लिए महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े। फाउंडेशन का लक्ष्य राज्य के भीतर एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना और भविष्य में इसका विस्तार पूरे भारत में करना है।







